कटनी जिले से सांसद शर्मा को नकारकर सांसद उम्मीदवार के इन नामों पर भाजपा कार्यकर्ताओ ने व्यक्त की मंशा

फर्श से अर्श पर ले जाना नरेंद्र मोदी एवम अमित शाह की राजनीति में है शुमार

(कटनी) खजुराहो लोकसभा चुनाव मे कटनी जिले से संजय पाठक, शशांक श्रीवास्तव, सुकीर्ति जैन, अलका जैन, राम रतन पायल, सत्यनारायण अग्रहरी, सुभाष पटेल, दीपक टंडन सोनी व अन्य पांच लोगों के बीच टिकट को लेकर जंग जारी है। टिकट वितरण में मोदी है तो मुमकिन है का फार्मूला चलेगा? मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद जैसे ही लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी के लिए मोदी लहर में जीतने वाले वर्तमान सांसद बीडी शर्मा, एवं मलखान सिंह का नाम हाई कमान के पास भेजे जाने की चर्चा भाजपा के राजनीतिक गलियारों में सुनी गई है तभी से कटनी जिले के जागरूक भाजपा कार्यकर्ताओं नेताओ ने इन नामों चेहरों को सिरे से नकारते हुये गुलामी की जंजीरों को तोड़ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने लाम बंद होने लग गए हैं।

कटनी जिले के जागरूक लोकप्रिय जनाधार वाले भाजपा नेताओं ने गुप्त रूप से अपने संपर्क उच्च हाई कमान में बैठे नेताओं से करना एवं बायोडाटा लेकर दिल्ली भेजे जाने की तैयारी में जुट गए हैं। जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नवनिर्वाचित विधायक , पूर्व जनप्रतिनिधियो का कहना है कि लोकसभा उम्मीदवार कटनी जिले से क्षेत्र के स्थानीय व्यक्ति को उम्मीदवार घोषित किया जाए। स्थानीय सांसद ना होने के कारण कटनी जिले का समुचित विकास विकास नहीं हो पा रहा है तथा कटनी जिला अन्य जिलों की अपेक्षा विकास की दृष्टि से कई वर्ष पीछे हो चुका है तथा एक कस्बा के रूप में देखा सुना जा रहा है। वर्षों से बाहरी क्षेत्र के सांसद चुने जाने से वे सिर्फ अपने स्वार्थ में अपना कार्यकाल गुजारते आए हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी के राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा चल रही है कि वर्तमान सांसद बी.डी. शर्मा संपूर्ण लोकसभा संसदीय क्षेत्र में स्वयं का कोई जनाधार नही बना सके और किसी तरह का जनहित कारी लाभ नागरिकों , विधानसभा के किसी जनप्रतिनिधियों को नहीं मिला। जबकि देखा जाए तो प्रदेश अध्यक्ष के पद पर है। पार्टी जनों का कहना है कि वह संसदीय क्षेत्र में संसद के रूप नहीं बल्कि प्रदेशअध्यक्ष के बतौर क्षेत्र के दौरे में अनेकों बार आते जाते रहे। पार्टी कार्यकर्ता उन्हें प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण सम्मान देने की मजबूरी होना बताते है। स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं में सांसद की कार्यशैली क्षेत्र के विकास किए जाने को लेकर नकारात्मक मानसिकता का परिचय दिए हैं। क्षेत्र के प्रति उनके द्वारा की गई उपेक्षा को लेकर आम जनमानस, पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी विरोध व नाराजगी है कि वे अपने क्षेत्र के नागरिकों की अति आवश्यक जनहितकारी उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य संबंधी नव निर्माण संस्थान , कटनी से पन्ना खजुराहो तक सुगम रेल यातायात,रोजगार के साधन जैसी सुविधाओ को सांसद पांच वर्ष में भी नही दिला सके। सांसद शर्मा संसदीय क्षेत्र के विकास में ना ही कभी गंभीर हुए ना ही उन्होंने कभी दिलचस्पी दिखाई। मात्र स्वागत सत्कार कराने लाव।लश्कर के साथ संसदीय क्षेत्र में आते जाते रहे । अब जब चुनाव सिर पर आ गए तो वह दिखावटी झूठी घोषणाएं कर अपने आप को जनप्रिय बताने का प्रयास कर रहे हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों सामाजिक संस्थाओं, शिक्षित बेरोजगारों , व्यापारियों द्वारा समय-समय पर केंद्र सरकार से जुड़ी जनहितकारी, कल्याणकारी योजनाओं, जन हितकारी नव नवनिर्माणो, उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थानों, जिले से रेल मार्ग के विस्तारीकरण योजनाओ, की मांगों को लेकर सड़कों में अनेकों बार प्रदर्शन करते रहे ज्ञापन आदि सौंपे गए लेकिन बी.डी. शर्मा मांगों की अनदेखी करते रहे तथा पार्टी के कुछ चाटुकार नेताओं , मीडिया कर्मियों से विकास का वादा किए जाने का झूठा प्रचार प्रसार करवा कर वाही लूटते रहे। जबकि वास्तविकता यह है कि वे मांग करने वाले आम नागरिकों एवं मीडिया से दूरियां बनाये रहे। वही मांग करने वाले प्रदर्शन कारियो को स्थानीय जन प्रतिनिधि यह कहकर समझाते रहे कि यह मांगे समस्याएं हमारे स्तर की नहीं केंद्र सरकार सांसद के स्तर की समस्या है कहकर समस्या का हल करवाए जाने का आश्वासन देते रहे। इस तरह देखा जाए तो सांसद अपने कार्यकाल के दौरान विकास के नाम पर क्षेत्र की जनता जनप्रतिनिधियों के सामने शून्य नजर आ रहे है जिसको लेकर सांसद शर्मा के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। सांसद बीडी शर्मा के प्रति क्षेत्रीय पार्टी एवं नागरिकों में भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

अब देखना है पूर्व का चुनाव मोदी लहर में जीतने वाले वर्तमान सांसद बीडी शर्मा , मलखान सिंह जिनका विरोध किया जा रहा है वही सबका साथ सबका विकास के शिरोमणि नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह जेपी नड्डा किस तरह का निर्णय कटनी खजुराहो लोकसभा के लिए प्रत्याशी का चयन करेंगे आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल पार्टी सूत्रों एवं राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि सांसद शर्मा का संसदीय सीट से अब दाना पानी समाप्त हो चुका है तथा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के प्रमुख सिपहसलार माने जाने वाले सांसद शर्मा को पुनः रिपीट किया जाता है या किसी अन्य संसदीय क्षेत्र में भेजा जाएगा जिसे लेकर पार्टी में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। वही भाजपा के उत्साहित कार्यकर्ताओं में यह चर्चा चल पड़ी है कि जिस तरह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को मोदी ने बनाया है इस तरह कटनी जिले की संसदीय सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

मोदी है तो मुमकिन है, सबका साथ सबका विकास

पार्टी सूत्रों की माने तो कटनी जिले से सांसद प्रत्याशी के लिए पूर्व विधायक अलका जैन, पूर्व विधायक सुकीर्ति जैन, पूर्व निगम अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रहरि, राम रतन पायल एवं वर्तमान जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव , किसान नेता सुभाष पटेल जैसे पार्टी में मेहनत कश नये पुराने बड़े चेहरे माने जाते है, इन्हे लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दे इसमें कोई आश्चर्य नहीं। वही यह भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि विधानसभा के फार्मूले के तौर पर वर्तमान दबंग विधायक संजय पाठक या संदीप जयसवाल को पार्टी लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दे इसमें कोई आश्चर्य नहीं । मोदी है तो मुमकिन है। फर्श से अर्श पर ले जाना नरेंद्र मोदी अमित शाह की राजनीति में शुमार है ऐसी चाणक्य नीति अपनाये जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

इसी तरह पन्ना खजुराहो क्षेत्र से लगभग पांच उम्मीदवारो के बीच टिकट को लेकर जंग होने की संसदीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है। अब देखना है कि कटनी खजुराहो लोकसभा संसदीय क्षेत्र का प्रत्याशी घोषित किया जाएगा या फिर संसदीय क्षेत्र के बाहर से पैराशूट से किसी को उतारती है। यह सब देखने सुनने के लिए आने वाले समय का इंतजार करना होगा। फिर हाल मध्य प्रदेश की नवगठित मोहन सरकार की कार्यशैली प्रत्याशी के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

✍️ (प्रमोद खंपरिया)
RPKP INDIA NEWS
          कटनी

 

 

 

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