कलेक्टर अवि प्रसाद के आव्हान पर कर्मयोगी शिक्षकों से शाला विकास की गाथायें मिलना शुरू

स्कूलों को संवारने में दिए गए योगदान की विस्तृत गाथा से करा रहे अवगत

(कटनी) – कलेक्टर श्री अवि प्रसाद द्वारा स्कूलों को संवारने मे विशिष्ट योगदान देने वाले जिले के कर्मयोगी शिक्षकों से किये गए आव्हान का असर दिखना शुरू हो गया है। कर्मयोगी शिक्षकों द्वारा बचपन संवारने, भविष्य गढ़ने हेतु शाला विकास की वृतांत गाथा से जिला प्रशासन को अवगत कराने की प्रविष्टियां प्राप्त होने लगी है।

            जिला प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव पर  एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला देवगांव के माध्यमिक शिक्षक अखिलेश कुमार दहायत द्वारा जिला प्रशासन को भेजे गए सचित्र विकास गाथा का वीडियो भी जमा किया है। इस स्कूल मे 1 नवंबर 2021 से ही लाइब्रेरी संचालित हो रही है। इसके लिए उन्हे प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षक श्री दहायत ने पुस्तकालय की बेहतर व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 6 वर्षों से दिखाई गई प्रतिबद्धता का उल्लेख किया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षक श्री दहायत द्वारा सामूहिक पठन कार्य, शिक्षात्मक साधना एवं उपलब्धियों का विवरण दिया है।

            कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा ऐसी शासकीय शालायें जो सीमित संसाधनों के बावजूद शाला परिसर के विकास, अध्ययन, अध्यापन और छात्रों में संस्कारों की सीख देने और उनमें पर्यावरणीय समझ विकसित करने के मामले में बेहतर काम कर रहीं है। उनके विशिष्ट योगदान की जानकारी से जिला प्रशासन को अवगत कराने हेतु विकास गाथा को लिखकर कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित जिला शिक्षा केन्द्र कटनी में जमा करने साथ ही ई-मेल आई.डी. ्रेकचबांजदप/हउंपस.बवउ में मेल करनें का आव्हान किया था।

             कर्मयोगियों से प्राप्त विकास गाथाओं के सभी प्रस्तावों का परीक्षण जिला स्तरीय समिति करेगी और इनमें से पांच सर्वश्रेष्ठ और उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन कर शाला विकास हेतु जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। इसके अलावा शिक्षक दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में शिक्षा और विद्यालय की बेहतरी के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को हमेशा की तरह ही सम्मानित किया जाएगा।

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