मैहर वाली शारदे माता धाम से एक अनमोल चिंतन….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से
(मैहर) कामी के जीवन में भी बदलाव सम्भव है, क्रोधी व्यक्ति भी एक दिन परम शांत अवस्था को प्राप्त कर सकता है मगर लोभी व्यक्ति कभी अपनी वृत्तियों का हनन कर इस संसार सागर से तर जाए यह थोड़ा मुश्किल है।
रवींद्र सिंह (मंजू सर ) मैहर की कलम कहती है कि जिस व्यक्ति की लोभ और मोह वृत्तियाँ असीम हैं उस व्यक्ति को कहीं भी शांति नहीं मिल सकती। बहुत कुछ होने के बाद भी वह खिन्न, रुग्ण, और परेशान ही रहता है। अपनी उपलब्धियों और प्राप्तियों पर प्रसन्न रहो और किसी के साथ अकारण अपनी तुलना करके अपने जीवन आनंद को कम मत करो। दुनिया में बहुत लोगों के पास वो भी नहीं है, जो तुम्हारे पास है …!!! वह पूर्णतया असफल है जो हमेशा दूसरों में दोष देखता रहता है…!!! इसलिए अपने मन को सदा निर्मल रखिये क्योकि रामायण मे लिखा हुआ है कि निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट छल छिद्र न भावा।। मन निर्मल है तो परमात्मा भी आपके साथ निर्मल मन से है।
✍️ रवींद्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
मैहर
