शिव महापुराण की कथा भक्ति के साथ खुलते हैं मुक्ति का द्वार – अभिषेकानंद महाराज
मनुष्य को कुछ क्षण के सुख के कारण जन्म जन्मांतर के लिए दुःख भोगने पड़ते हैं
(हरदा) पूज्य श्री अभिषेकानंद महाराज के पावन सानिध्य मे श्री राधेश्वर मंदिर सेवा समिति एवं टिमरनी नगर वासियों के सहयोग से श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस का आयोजन किया गया है जिसमें हरदा एवं टिमरनी के आसपास के श्रद्धालु भक्त भक्त भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। जो वास्तव में हिन्दू हैं और जो अपने धर्म और संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो उन्हें कदम से कदम मिलाकर चलना पड़ेगा और जैसे श्री राम मंदिर का निर्माण हुआ वैसे ही श्री कृष्ण जन्मभूमि का निर्माण होना चाहिए। मनुष्य अपने जीवन में कितनी भी सफलता क्यों न हासिल कर ले लेकिन उस मनुष्य में कभी भी अहंकार नहीं आना चाहिए क्योंकि ईश्वर अहंकारी मनुष्य को स्वीकार नहीं करते हैं।

भगवान के अनंत रूप हैं जो मानव की दृष्टि से देखे नहीं जाते और ना ही बुद्धि से समझे जाते हैं लेकिन महादेव कण कण में बसे है। हम तो नर्मदा के तट पर रहने वाले मनुष्य है ये हमारा परम सौभाग्य है की जब मन चाहे तब मां के दर्शन कर ले। नर्मदा का कंकर कंकर ही शंकर है शिव कण-कण में बसे हैं बस हमे हमारे भीतर के शिव को देखना है क्युकी जिस दिन शिव तत्व निकल कर शरीर से चला गया उस दिन ये देह भी शव में बदल जाता है इसलिए महादेव की भक्ति और कथा का तत्व जीवन में जरूर धारण करना चाहिए। कथा के समापन पर सिद्ध रुद्राक्ष एवं बेलपत्र का वितरण किया जाएगा।
✍️ (मुईन अख्तर खान)
RPKP INDIA NEWS
हरदा
