अगर आप प्रेम अनुभव नहीं करते तो वैसा कह दें, दिखावा न करें कि आपको प्रेम है
मैहर वाली शारदे माता धाम से एक अनमोल चिंतन…..
मेरी कलम कहती है कि आप ढोंग न करें। सच्चे बनें और सच्चाई का दुख झेलें। दुख झेलना अच्छा है। दुख प्रशिक्षण है, अनुशासन है। क्रोध, प्रेम और घृणा सबका दुख झेलें। न खुद धोखे में रहे और न दूसरों को धोखा दें।
अगर आप प्रेम अनुभव नहीं करते तो वैसा कह दें। दिखावा न करें कि आपको प्रेम है। इसी को सच्चा होना कहते हैं। सत्य के मार्ग पर चलेंगे तो मन के बंधन के बाहर हो जाएंगे। “छल कपट” के मार्ग पर चलेंगे तो जन्मों—जन्मों मन की कैद में पड़े रहेंगे। इसलिए तो गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण मे लिखा है कि ‼️”निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट छल छिद्र न भावा”।।‼️
आप सभी को नमन।मैहर वाली शारदे माता रानी सदा अपना आशीर्वाद बनाये रखे। जय माता दी।
✍️ रवीन्द्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
मैहर
