नेशनल लोक अदालत का आयोजन सम्पन्न
लोक अदालत में एक करोड़ 60 लाख से अधिक की राशि का अवार्ड किया गया पारित
(अनुपपुर) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार शनिवार 11 मई को जिला मुख्यालय अनूपपुर एवं तहसील कोतमा व राजेन्द्रग्राम की सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय में शनिवार को प्रातः 10ः30 बजे प्रधान जिला न्यायाधीश श्री रविन्दर सिंह के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मोनिका आध्या, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री पंकज जायसवाल, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री नरेन्द्र पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती चैनवती ताराम, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री अंजली शाह, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री पारूल जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इसरार मंसूरी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री संतोष सिंह परिहार, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दिलावर सिंह सहित अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, नगरपालिका, विद्युत, बैंक के अधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर्स एवं पक्षकारगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि लोक अदालत के लिये जिला न्यायालय अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में कुल 14 खण्डपीठों का गठन किया गया था, जिसमें राजीनामा योग्य दाण्डिक प्रकरण, चेक अनादरण से संबंधित प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल प्रकरण एवं बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के द्वारा किया गया। जिला मुख्यालय अनूपपुर, तहसील सिविल न्यायालय कोतमा एवं तहसील सिविल न्यायालय राजेन्द्रग्राम में लंबित प्रकरणों मेें से 3979 प्रकरणों को लोक अदालत मे रेफर किया गया, जिनमे से कुल 441 प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन के 2973 प्रकरण प्रस्तुत हुए जिनमें से 136 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से हुआ। आयोजित लोक अदालत में कुल राशि 1,60,06,812 अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत मे सभी कर्मचारीगण, अधिवक्ताओं व पक्षकारो ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आपसी सुलह एवं सामंजस्य के आधार पर आपसी राजीनामा कर पारस्परिक भाईचारा एवं सौहार्द का परिचय दिया।
