मैहर जिले में 40 आवेदनों पर हुई सुनवाई
(सतना) कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर मैहर रानी बाटड ने जिले के विभिन्न अंचलों से अपनी समस्याओं का आवेदन लेकर आये आवेदकों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने तहसील स्तर पर की जा रही जनसुनवाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मानीटरिंग भी की गई। इस मौके पर अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह, एसडीएम विकास सिंह, सीईओ प्रतिपाल बागरी, सीएमओ लालजी ताम्रकार, डीपीओ राजेंद्र बांगरे, डीएफओ केएस भदौरिया एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई के दौरान मैहर जिले में 40 आवेदनों पर सुनवाई की गई। मैहर जिले के नरौरा नईबस्ती निवासी भगवानदीन कोरी ने बताया कि अमिलिया कला में जमीन है। जिसका आराजी नम्बर 809 है। लेकिन पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत तिन्दुहता निवासी इन्द्रकली सिंगरौल ने बताया कि आराजी क्रमांक 597 रकवा 0.157 है। जिसका सीमांकन 2020-21 में कराए जाने के बावजूद आवेदक की आराजी में अवैध कब्जा किया गया है जिसे कब्जा से मुक्त कराने की अपील की गई। ग्राम पंचायत पकरिया निवासी संतोष कुमार बुनकर पिता नत्थू प्रसाद 45 वर्ष के द्वारा बताया गया कि पत्नी यशोदा बाई बुनकर की मृत्यु के पश्चात संबल कार्ड योजना के तहत मिलने वाली 2 लाख रूप्ये की राशि कार्ड में दिखाई दे रही है लेकिन राशि अभी तक नहीं मिली।
अमरपाटन में 7 तथा रामनगर में 12 आवेदन पर हुई जनसुनवाई
मैहर कलेक्टर रानी वाटड के निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखण्ड कार्यालय एवं सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई प्रारंभ हो गई है। इसी क्रम में अमरपाटन के विकासखंड कार्यालय में एसडीएम आरती यादव एवं तहसीलदार रामदेव साकेत द्वारा आवेदकों की समस्यायें सुनी गई और समस्याओं के निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये। इस दौरान एसडीएम आरती यादव ने 5 आवेदकों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हुए 2 आवेदकों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इसी प्रकार रामनगर के एसडीएम कार्यालय में भी एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने विकासखंड के विभिन्न ग्रामों से आये आवेदकों की समस्याएं सुनी गई। जनसुनवाई में आये प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिये। ग्राम स्तर की जनसुनवाई में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी एवं मैदानी अमले ने ग्राम वासियों की स्थानीय समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया। ग्राम पंचायतों की जनसुनवाई में 216 आवेदनों में सुनवाई की गई।
