जिले के विभिन्न स्कूलों में नौनिहाल बच्चों ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरूओं का किया सम्मान

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(उमरिया)  गुरु विद्यार्थियों के भविष्य का निर्माता होता है, उनके व्दारा दिये गये ज्ञान की बदौलत वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है, हमारे देश में गुरु शिष्य परंपरा प्राचीन काल से ही रही है, भगवान राम तथा उनके अनुजों ने, भगवान क्रष्ण ने भी आश्रमों में रहकर गुरूओं के सानिध्य में शिक्षा प्राप्त की थी। अब आश्रम प्रणाली का स्थान स्कूलों ने ले लिया है। प्रदेश सरकार ने गुरु शिष्य परंपरा को जीवंत रखने तथा गुरु के प्रति आदर सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से गुरु पूर्णिमा हर स्कूल में मनाने का निर्णय लिया था। जिले भर में स्कूलों में गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया गया। नैनीहाल बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ अपनी समझ तथा सामर्थ्य के अनुकूल शिक्षकों का सम्मान कर अपनी आस्था प्रदर्शित की। कई स्कूलों में सेवा निवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। पूरे देश के साथ साथ जिले में भी गुरु पूर्णिमा पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये। स्कूलों और मंदिरों सहित आश्रमों में गुरु के श्री चरणों में पूजा अर्चना कर उनका सम्मान किया गया। इसी के तहत स्थानीय सीबीएससी आर सी स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रिटायर्ड शिक्षक रामविशाल गुप्ता , रामगोपाल शर्मा, संतोष खरे, अफजल खान, राजकुमारी सिंह का उपस्थित बच्चों और स्कूल संचालक सहित अन्य स्टाफ ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। वहीं तरह तरह के गीत गाकर गुरु का महत्व समझाया, इसके बाद गुरु के रुप में हम सबके बीच रहने वाले शिक्षकों ने आपके जीवन में गुरु का कितना महत्व है और वह ज्ञान का एक बहुत बड़ा भंडार है। इस संबंध में आर सी स्कूल के संचालक विश्वजीत पाण्डेय ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर स्कूल में गुरु सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें हमें और बच्चों के जीवन में गुरु एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है जो हमें जीवन में पथ प्रदर्शक बनते हैं। कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षक व बच्चे मौजूद रहे।

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