जर्जर भवनों पर अविलंब कार्यवाही हेतु निगम आयुक्त विनोद कुमार शुक्ल ने सख़्त निर्देश
(कटनी) दिनांक 5 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में जर्जर/भयप्रद / जीर्णशीर्ण/ मानव आवास हेतु अनुपयुक्त भवनों पर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन चाहा गया विभागीय कार्य संतोषजनक न होने पर तत्संबंध में सचेत करते हुए निर्देशित किया गया कि अनेक निर्देशों के बावजूद नगर निगम सीमांतर्गत जर्जर भवनों पर वार्ड उपयंत्री द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है यद्वपि जर्जर/भयप्रद / जीर्णशीर्ण भवन के गिरने से कोई दुर्घटना होती है, तो उसके लिए संबंधित उपयंत्री जिम्मेदार होंगें। इसलिए तत्काल म.प्र. नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 309, 310 के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।वर्तमान में वर्षा ऋतु प्रारंभ है जिससे इस समय जर्जर भवनों के गिरने की संभावना अधिक रहती है,किंतु कार्यपालन यंत्री एवं क्षेत्रीय उपयंत्री द्वारा विधिसम्मत कार्यवाही नहीं की जा रही है, जो अत्यंत आपत्तिजनक होकर निर्देशों की अवहेलना का परिचायक है साथ ही संबंधितों का यह कृत्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।निगमायुक्त श्री शुक्ल द्वारा नाराज़गी व्यक्त कर चेतावनी देते हुए जर्जर एवं भयप्रद भवनों पर प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है , विपरीत परिस्थिति अथवा किसी प्रकार की दुर्घटना या क्षति होने की दशा में संबंधित जिम्मेदार रहेंगें।
