“भाई-बहन के पवित्र स्नेह-प्रेम के पावन पर्व भाई दूज की आप सभी को मंगल बधाई”

आज का चिंतन (भाई दूज) ….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से

(मैहर) भाई दूज का पावन पर्व एक नारी के स्नेह, प्रेम, समर्पण एवं सामर्थ्य को स्मरण कराने का पावन दिवस है। कभी अपनी रक्षा के संकल्प लिए भाई के हाथों पर रक्षा सूत्र बाँधने वाली नारी आज अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसे अपने यम पाश से मुक्त कराने की सामर्थ्य का परिचय देती है।माँ, पुत्री, पत्नी, बहन और भी कई रूपों में नारी का पूरी मनुष्य जाति के लिए प्रेम, त्याग और समर्पण अकथनीय है। आज के इस पावन दिवस में बहुत समय पश्चात भगवान सूर्य पुत्र यम एवं पुत्री माँ यमुना जी का मिलन हुआ था।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि धन्य है इस नारी के लिए जो पूरे वर्षभर पुरुषों के लिए व्रत, पूजा, प्रार्थना व उनके मंगल के लिए कुछ न कुछ करती रहती हैं। आज के इस पावन दिवस पर सभी भाइयों को भी समाज की समस्त बहनों के सम्मान, सुरक्षा एवं अस्मिता की रक्षा का संकल्प लेना होगा वास्तविक अर्थों में यही भाई दूज के पावन पर्व की सार्थकता है।

 

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें