मैहर वाली शारदा माता धाम से एक अनमोल चिंतन… रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से
(मैहर) मैहर वाली सरस्वती बुद्धि प्रदाम शारदाम को नमन करते हुए मेरी कलम लेखबद्ध रूप से कहती है कि “कुछ लोग चालाक होते हैं, अवसरवादी होते हैं, धोखेबाज होते हैं। वे ऐसा करने में ही अपने जीवन की सफलता समझते हैं परंतु संसार का व्यवहार बताता है, कि यह चालाकी ठगी धोखाधड़ी चार दिन चमकती है, सदा नहीं।”
“जैसे ही लोग उन्हें पहचान लेंगे, उनसे दूर हो जाएंगे। लोगों को उन पर विश्वास नहीं रहेगा। और यदि ऐसे चालाक लोगों ने अपना विश्वास खो दिया, तो समाज के लोग जीवन भर उन्हें सहयोग नहीं देंगे, अथवा बहुत कम कर देंगे। तो आप यह समझ लीजिए, कि उन्होंने अपनी बहुत भारी हानि कर ली।
रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है कि “दूसरे प्रकार के लोग सज्जन होते हैं। ईमानदार होते हैं। सब काम बुद्धिमत्ता धैर्य और सच्चाई से करते हैं।” “उनके विषय में भी संसार का व्यवहार यह बताता है, कि उन पर बहुत से बुद्धिमान लोग विश्वास करेंगे और जीवन भर उनको सहयोग देंगे। उन्हें किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी। वे सदा प्रसन्न उत्साहित निश्चिंत और परोपकारी बने रहेंगे जिससे उनका जीवन बहुत उत्तम ढंग से बीतेगा।”
अब दोनों रास्ते आपके सामने हैं। “चालाकी करके अपना विश्वास खो दें और जीवन भर हानियां उठाते रहें।” अथवा “सज्जनता से अपना जीवन जीएं, जिससे आपको जीवन भर सब प्रकार से सुख और सहयोग मिलता रहे। इन दोनों रास्तों में से जो आपको अच्छा लगे, वही चुन लेवें।”
आप सभी को सादर नमन।
“जय माता दी”
