वर्ष की तीसरी लोक अदालत संपन्न

(छतरपुर) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के परिपालन में तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशन में शनिवार को जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

जिला न्यायालय छतरपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रविन्दर सिंह द्वारा मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। उक्त अवसर पर विशेष न्यायाधीश उपेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश राजेश कुमार देवलिया कुटुम्ब न्यायालय, जिला न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव, जिला न्यायाधीश हिमांशु शर्मा, जिला न्यायाधीश निवेश कुमार जायसवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जायसवाल, सचिव वि.प्र. सोलंकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर, न्यायिक मजिस्ट्रेट रानो बघेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट अरविंद गुर्जर, न्यायिक मजिस्ट्रेट संघशिखा वंशकार न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्यांशु गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट आकांक्षा गर्ग एवं जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद दीक्षित, डॉ० वीरेन्द्र चढार जिला विधिक सहायता अधिकारी, अधिवक्तागण सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर्मचारीगण और पक्षकारगण आदि उपस्थित रहे।

उक्त नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में कुल 31 खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिसमें 13 जिला स्तर एवं 18 तहसील स्तर पर जिनके द्वारा आपसी सुलह समझौतों के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर सचिव वि.प्र. सोलंकी द्वारा जानकारी दी गई कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जिले की विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से आपराधिक प्रकरण 304, एन०आई०एक्ट से संबंधित 85 प्रकरण, एम०ए०सी०टी के 65 प्रकरण, विद्युत के 143 प्रकरण, वैवाहिक 172 प्रकरण सहित अन्य 198 प्रकरणों का इस प्रकार कुल 968 लंबित प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह-समझौतों के आधार पर किया गया। लोक अदालत में कुल राशि रूपये 92918964 का अवार्ड पारित किया गया। उक्त लोक अदालत से 2439 लोग लाभांवित हुये।

साथ ही निराकृत प्रकरणों में प्रिलिटिगेशन के कुल 1331 प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। जिसमें बैंक से संबंधित 178 प्रकरणों का, विद्युत के 493 व वाटर बिल के 498 एवं अन्य प्रकरण 162 के प्रकरणों का निराकरण कर कुल राशि रुपये 2,22,52,224 का अवार्ड पारित किया गया एवं 1416 व्यक्ति उक्त लोक अदालत में लाभांवित हुये आपसी सुलह व समझौते के आधार पर हुआ।

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