संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने औंकारेश्वर में सिंहस्थ-2028 के लिए स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा की
औंकारेश्वर में सिंहस्थ से पूर्व तैयार होंगे आठ महत्वपूर्ण घाट
संभागायुक्त ने सात विभागों के विकास कार्यों को क्राउड मैनेजमेंट योग्य तैयार करने के दिए निर्देश
श्रृद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रतीक्षालय और अस्थाई शौचालय सहित चिकित्सा व्यवस्था सुगम हो
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अधिकारियों से बैठक में कहा कि औंकारेश्वर न सिर्फ ज्योर्तिलिंग के दर्शनों के लिए बल्कि पर्यटन की दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बन गया है। इसलिए यहां सिंहस्थ से पूर्व पेयजल व्यवस्थाके अलावायात्री प्रतीक्षालय, अस्थाई शौचालय, अस्थाई चिकित्सालय, नर्मदा घाटों का सौंदर्यीकरण उन्नत स्तर का होना चाहिए। अगर अभी भी किसी कार्य की कमी हो जैसे अतिरिक्त पहुंच मार्ग और अतिरिक्त पुल निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ कार्यालयों से स्वीकृत करा लें। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री राय ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए मांधाता थाना परिसर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा मांधाता थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के लिए बैरक-आवास भी निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी कोठी में सिंहस्थ मत से प्रस्तावित है। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने निर्देश दिए कि मोरटक्का से ओंकारेश्वर आने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े-बड़े आकार के टेंट लगाकर अस्थाई यात्री प्रतीक्षालय बनाकर वहां पेयजल और अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करने की कार्य योजना तैयार करें।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर के आसपास कुल 8 घाटों पर विकास कार्य और घाटों के उन्नयन के कार्य स्वीकृत हुए हैं। इनमें खेड़ी घाट, गोमुख घाट, नागर घाट, नवीन घाट, संगम घाट, ब्रह्मपुरी घाट, नावघाट शामिल हैं। कमिश्नर डॉ. खाड़े ने प्रत्येक घाट पर श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मोरटक्का से ओंकारेश्वर तक विद्युत लाइन और फीडर विस्तार का कार्य स्वीकृत हुआ है, ताकि सिंहस्थ के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि ओंकारेश्वर के शहर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीसी रोड निर्मित किए जाना हैं। इसके साथ ही नगर परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में सर्व सुविधायुक्त मेला क्षेत्र तैयार कराया जाएगा।
पर्यटन निगम के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए शंकराचार्य गुफा के संरक्षण का कार्य तथा परिक्रमा पथ पर विकास कार्य स्वीकृत किए गये हैं। इसके अलावा पर्यटन विकास निगम द्वारा ममलेश्वर मंदिर में प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में भी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। पर्यटन निगम के अधिकारियों ने बताया कि “ओंकार पर्वत” परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शेड निर्माण कराया जाएगा, ताकि धूप और वर्षा के पानी से श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो। इसके साथ ही परिक्रमा पथ पर वृक्षारोपण भी प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग पीआईयू के अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में सर्किट हाउस का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इसका निर्माण कार्य चालू हो गया है। इस सर्किट हाउस में कुल 10 कक्ष और एक सूट निर्मित किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए लगभग 8 करोड़ रुपए की पेयजल योजना ओंकारेश्वर के लिए प्रस्तावित है। मोरटक्का से ओंकारेश्वर के बीच दो ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि रास्ते में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हो सके।
