भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नहर परियोजना, हजारों प्रभावित किसान अधिकारियों के चक्कर काटकर हो रहे परेशान

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विजयराघवगढ़ क्षेत्र में बरगी व्यपवर्तन परियोजना में किसानो की बेशकीमती जमीनों के भू अर्जन में भ्रष्टाचार

(विजयराघवगढ़) बरगी दायी तट नहर परियोजना विजयराघवगढ़ क्षेत्र के किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। हजारों किसानों की कृषि जमीनों से गुजरने वालीं यह सिंचाई परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए हजारों किसानों की भू अर्जन की कार्यवाही से किसान संतुष्ट नहीं हैं। मनमानी पूर्ण रवैये से भू अर्जन की कार्यवाही के चलते हजारों किसानों की समस्याओं के निराकरण नहीं होने के कारण किसान कलेक्ट्रेट, भू अर्जन कार्यालय कटनी में चक्कर काटकर परेशान हो गए हैं।

ज्ञातव्य है कि इस परियोजना का ठेका इंदौर की faloudi कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया गया है। उपरोक्त ठेकेदार राजनैतिक पहुंच के चलते पेटी कॉन्ट्रैक्ट में सतना की पार्टियों को नहर निर्माण का ठेका दिया हुआ है, ठेकेदार तथा नहर परियोजना के मुख्य अधिकारियों की मिलीभगत से अब तक नहर का जितना भी कार्य हुआ है वह गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ। नहर निर्माण में मानक प्रावधानों का भी कोई पालन नहीं किया जा रहा जिससे नहर के पैनल अभी से ही टूटकर बिखर रहे हैं। पेटी कॉन्ट्रेक्टर द्वारा जहां भी नहर खोदी गई हैं वहॉं के किसानो की जमीनों में मिट्टी के पहाड़ बना दिए गए हैं और तो और कहीं कहीं बड़े बड़े गड्ढों को खोदकर किसानों की जमीनों को बुरी तरह से बर्बाद भी कर दिया गया है।

खरखरी, मेहगांव, नन्हवारा कला, कलहरा, झिरिया, तथा अन्य गावों में बस्ती के रहवासी क्षेत्र से नहर निर्माण किया जा रहा है जिससे भविष्य में छोटे बच्चों, मवेशियों को खतरा होगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने से भविष्य में यदि नहर किन्ही कारणों से फूटती है तो विजयराघवगढ़ क्षेत्र के अनेकों गावों में जन धन की हानि होगी।

विजयराघवगढ़ क्षेत्र मे नहर निर्माण सर्वे 20 वर्ष पूर्व किया गया था। आज जिन जमीनों से नहर ले जाने के काम हो रहे हैं वे जमीनें आज सिंचित हैं किन्तु ऑफिसों की टेबिल में बैठकर शासकीय परियोजना की हजारों करोड़ की परियोजना में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायतों की जाँच तक नहीं की जा रहीं। विगत दिनों भैसवाही में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में किसानो ने पूर्व कलेक्टर को लिखित शिकायत की थीं किन्तु किसानों की समस्याओं का निराकरण आज भी नहीं हो सका।

विजयराघवगढ़ क्षेत्र के किसानों की भू अर्जन की कार्यवाही भी दोष पूर्ण हो रहीं हैं। शिकायतों के निराकरण नहीं किये जाकर मनमानी पूर्ण रवैये से मुआवजा निर्धारण किया गया है। जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना की शिकायतों में आँख कान मूँद रखे हैं। नहर परियोजना के प्रमुख अधिकारी कभी भी अपने दफ्तर में बैठते नहीं, ना ही किसानों की समस्याओं का निराकरण करते हैं।

विजयराघवगढ़ के किसानों की समस्याओं तथा नहर परियोजना में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार के विरुद्ध किसान सुरेन्द्र दुबे ने बताया कि भू अर्जन, तथा भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर किसान विवश होकर अब हाईकोर्ट की शरण में जाकर किसानों के हितों की लड़ाई लड़ेंगे।

 

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