मैहर कलेक्ट्रेट भवन निर्माण जनता के हित में और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम

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सांसद द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से जनता सतर्क रहे: मनीष तिवारी

(मैहर/मध्यप्रदेश) मैहर जिला बनने के बाद अब इसका प्रशासनिक ढांचा मजबूत करने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिले के गौरव और विकास का प्रतीक बनने जा रहा मैहर जिला कलेक्ट्रेट भवन, कटनी रोड (NH-30) धतूरा स्थित स्थान पर निर्माणाधीन है। इस स्थान का चयन शासन द्वारा पूर्ण प्रक्रिया के बाद किया गया — जिसमें भूमि आवंटन, तकनीकी अनुमति, ड्रॉइंग, डिजाइन एवं टेंडर की सभी औपचारिकताएँ पूरी की गईं।

सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उसी स्थान पर भूमि पूजन स्वयं सतना सांसद श्री गणेश सिंह द्वारा किया गया था। उस समय उन्होंने इसे मैहर जिले के विकास का बड़ा कदम बताया था, और सार्वजनिक रूप से भाषण देकर इसके माध्यम से मैहर की नई दिशा तय करने की बात कही थी।

लेकिन अब वही सांसद अपने संसदीय दौरों के दौरान अमरपाटन और रामनगर जैसे क्षेत्रों में जाकर इस निर्माण स्थल को लेकर भ्रम फैलाने और जनता को आपस में भड़काने का कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा दिए जा रहे बयान और स्थान परिवर्तन की बातें पूरी तरह से राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं।

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा — जब-जब मैहर में कोई भी विकास कार्य प्रारंभ होता है, उसे विवादों में घसीट देना भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं और विशेषकर सतना सांसद की पुरानी आदत रही है। जनता को अब यह समझना होगा कि यह केवल विकास कार्यों को रोकने और जनता को गुमराह करने की एक साजिश है।

जनता के हित में वर्तमान स्थान सबसे उपयुक्त
धतूरा स्थित यह स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 पर स्थित है, जिससे मैहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को दफ्तर तक पहुँचने के लिए शहर के भीतर या दूर तक नहीं जाना पड़ेगा। यह स्थान मैहर के भौगोलिक विस्तार, यातायात सुगमता और भविष्य के नगर निगम दर्जे के लिए आदर्श है।

कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण पूरा होने पर —
* शहर की सीमाएँ बढ़ेंगी,
* नए रोजगार अवसर विकसित होंगे,
* सुविधाजनक आवागमन से आम जनता को राहत मिलेगी, और
* प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता व तीव्रता आएगी।

इस प्रकार, इस स्थान पर निर्माण से न केवल जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे जिले के विकास की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।

भ्रम फैलाना जनता के साथ अन्याय
सांसद द्वारा लगातार दिए जा रहे स्थान परिवर्तन के भ्रामक बयान यह दर्शाते हैं कि वे मैहर के विकास की दिशा में नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए जनता के बीच विभाजन उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। जब स्वयं उन्होंने भूमि पूजन किया और स्थान चयन में उपस्थित थे, तो अब असहमति जताना उनकी दुहरी नीति और जनविरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

इस निर्माण स्थल को बदलने का कोई भी प्रयास न केवल तकनीकी और कानूनी दृष्टि से गलत है, बल्कि इससे परियोजना वर्षों तक रुक सकती है। क्योंकि —
* ठेकेदार द्वारा उसी स्थान के आधार पर निविदा भरी गई है,

* स्थान परिवर्तन होने पर न्यायालय में स्टे (Stay) की स्थिति बन सकती है, और
* कृषि उपज मंडी क्षेत्र, जहां परिवर्तन की बात कही जा रही है, वह किसानों और व्यापारियों के हितों के विपरीत होगा।

मैहर का जिला बनना कांग्रेस सरकार की देन

यह याद रखना चाहिए कि मैहर जिला बनने का श्रेय वर्तमान सांसद या भाजपा सरकार को नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री कमलनाथ जी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को जाता है। कांग्रेस सरकार ने मैहर की औद्योगिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक संभावनाओं को देखते हुए इसे जिला घोषित किया था। लेकिन जब से भाजपा सरकार आई है, तब से मैहर के विकास कार्यों में राजनीतिक रुकावटें डाली जा रही हैं।

जनता से अपील

मैहर की जनता से आग्रह है कि वह ऐसे भ्रामक बयानों और राजनीतिक झूठों के बहकावे में न आए। विकास को विवादों से नहीं, एकजुटता और सकारात्मक सोच से आगे बढ़ाया जा सकता है। मैहर जिला प्रशासन और आम जनता दोनों के सहयोग से अब मैहर मध्यप्रदेश का एक आदर्श जिला बन सकता है — बशर्ते राजनीति से ऊपर उठकर सबका साथ दिया जाए!!

– मनीष तिवारी, मैहर
पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी मैहर
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी भोपाल,

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कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में संचालित पत्थर खदानों और क्रशर संयंत्रों में ब्लास्टिंग के लिए उपयोग होने वाली विस्फोटक सामग्री की निगरानी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में खनि अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला ने खनि निरीक्षक शिशिर यादव के साथ गोपदबनास तहसील अंतर्गत ग्राम बहेरा पश्चिम, अमहवा और उपनी में संचालित स्वीकृत खदानों एवं क्रशर क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित खदान एवं क्रशर क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। साथ ही खदान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग गतिविधि केवल सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही नियमों के अनुरूप की जाए। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में संचालित सभी स्वीकृत खदानों एवं क्रशर संयंत्रों का आगामी दिनों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी नियमों के विपरीत गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी कड़ी में 18 मई 2026, सोमवार को दोपहर 3 बजे चुरहट एवं रामपुर नैकिन क्षेत्र के खदान संचालकों के साथ उपखंड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित रखरखाव, ब्लास्टिंग प्रक्रिया की समीक्षा और औचक जांच की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।