रिश्वतखोर एसडीएम के स्टेनो पर लोकायुक्त का शिकंजा, 10 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
(चुरहट) सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रीवा लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने चुरहट एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो रामहित तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी स्टेनो को वारिसाना (उत्तराधिकार) प्रकरण में नाम दर्ज कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़ा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित गजेंद्र सिंह पटेल ने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि चुरहट एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो रामहित तिवारी वारिसाना प्रकरण में नाम दर्ज कराने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी पहले ही 25 हजार रुपये की रिश्वत पहली किस्त के रूप में ले चुका था और शेष रकम की लगातार मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद जाल बिछाया। पूर्व नियोजित योजना के तहत मंगलवार को जैसे ही पीड़ित गजेंद्र सिंह पटेल ने आरोपी स्टेनो को दूसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये सौंपे, उसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए चुरहट स्थित स्थानीय सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां रीवा लोकायुक्त टीम द्वारा पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से एसडीएम कार्यालय सहित जिले के अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद जिले भर के रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। फिलहाल लोकायुक्त टीम इस पूरे मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी जांच कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
