भारत की आर्द्रभूमियों को वैश्विक पहचान… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए रामसर स्थलों का किया स्वागत
(नई दिल्ली) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थलों की सूची में शामिल किए जाने का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री ने इसे जैव विविधता संरक्षण और आर्द्रभूमियों की सुरक्षा की दिशा में भारत की मजबूत प्रतिबद्धता बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देते हुए ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि देश की दो महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन स्थलों को रामसर सूची में शामिल किया जाना न केवल स्थानीय समुदायों के प्रयासों का सम्मान है, बल्कि उन सभी लोगों के कार्यों की सराहना भी है जो आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि ये दोनों आर्द्रभूमियां आने वाले समय में प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध आवास के रूप में विकसित होती रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि रामसर स्थल का दर्जा मिलने से इन आर्द्रभूमियों के संरक्षण, प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान को नई मजबूती मिलती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय आजीविका और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
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