लुढ़ौती में 9 दिवसीय श्रीराम महायज्ञ व भागवत कथा का विराट आयोजन

(मैहर)  माँ शारदा की कृपा से ग्राम लुढ़ौती में 01 फरवरी से 09 फरवरी तक गोपुष्टी पंच कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह चरम पर है और श्रद्धालुओं में इस दिव्य अनुष्ठान को लेकर विशेष उमंग दिखाई दे रही है। आयोजन को लेकर गाँव-गाँव में तैयारियाँ तेज हो गई हैं।

इस महायज्ञ के यज्ञाचार्य परम पूज्य पं. ज्योतिषी राघव शरण जी महाराज के पावन सान्निध्य में वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। यज्ञ सेवक के रूप में गौ सेवक पं. सुरेश तिवारी जी (सीताराम महाराज) अपनी सेवाएँ देंगे। आयोजन का संरक्षण श्री सीताराम जी के मार्गदर्शन में तथा ग्राम व क्षेत्रवासियों के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है।

इस आध्यात्मिक महासंगम में अनेक पूज्य संत-महात्माओं का आगमन सुनिश्चित है, जिनमें श्री श्री 1008 श्री सीतावल्लभ शरण जू महाराज, श्री श्री 1008 स्वामी श्री रोहितेश्वर प्रपन्नाचार्य जी महाराज,
पुरानी लंका चित्रकूट, श्री श्री 108 घनश्याम पुरी महाराज जी, इटमा एवं शास्त्री श्री पवन महाराज जी (प्रधान पुजारी, माँ शारदा शक्ति पीठ), श्री श्री 108 झिरिया वाले महाराज जी, श्री श्री संत रामलोचन शरण जी महाराज जी, का
आशीर्वाद प्राप्त होगा।

सप्ताह भर चलने वाली कथा के प्रवचनकर्ता विख्यात कथावाचक आचार्य विपिन कृष्ण शास्त्री जी रहेंगे। कथा का समय प्रतिदिन प्रातः 7 से 11 बजे मूल पाठ तथा दोपहर 1 बजे से हरि इच्छा तक संगीतमय प्रवचन निर्धारित है। कथा स्थल टीला वाले गणपति एवं हनुमान जी स्वामी मंदिर परिसर, ग्राम लुढ़ौती तय किया गया है।
कार्यक्रम के अंतर्गत 01 फरवरी को भव्य शोभायात्रा, 02 फरवरी कथा प्रारंभ महात्म्य, 03 फरवरी कुन्ती स्तुति व सती चरित्र, 04 फरवरी जड़भरत व प्रह्लाद चरित्र, 05 फरवरी राम कथा एवं कृष्ण जन्मोत्सव, 06 फरवरी बाल चरित्र व गोवर्धन पूजा, 07 फरवरी राम पंचायती व रुक्मणी विवाह उत्सव, 08 फरवरी सुदामा चरित्र व कथा विश्राम तथा 09 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक यज्ञ को सफल बनाएं। धार्मिक वातावरण में डूबने का यह दुर्लभ अवसर क्षेत्रवासियों के लिए आध्यात्मिक पर्व से कम नहीं माना जा रहा है।

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