मैहर वाली शारदा माता धाम से एक अनमोल चिंतन- “सीधी बातचीत ही समाधान का मार्ग”
(मैहर) जीवन में कई बार छोटी-छोटी गलतफहमियाँ बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं। इसका मुख्य कारण यह होता है कि हम जिस व्यक्ति से समस्या होती है, उससे सीधे बात करने के बजाय दूसरों से चर्चा करने लगते हैं। इससे बात स्पष्ट होने के बजाय और उलझ जाती है, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी समझ और दृष्टिकोण के अनुसार बात को बदल सकता है। इसलिए आवश्यक है कि जिस व्यक्ति से भ्रम या मनमुटाव हो, उसी से शांतिपूर्वक और स्पष्ट रूप से संवाद किया जाए।
रवींद्र सिंह( मंजू सर) मैहर की कलम इसे एक सार्थक उदाहरण: के रूप में प्रस्तुत करती हुई कहती है कि भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन का प्रसंग इस बात को बहुत सुंदर तरीके से समझाता है। जब महाभारत के युद्ध में अर्जुन मोह और भ्रम में पड़ गए, तब उन्होंने किसी और से सलाह लेने के बजाय सीधे भगवान श्रीकृष्ण से अपने संदेह व्यक्त किए। उन्होंने अपने मन की हर शंका खुलकर रखी।तब श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश देकर अर्जुन के सभी भ्रम दूर किए। यदि अर्जुन अपनी शंकाएँ किसी और से पूछते, तो संभव है कि उन्हें सही मार्गदर्शन न मिलता और उनका भ्रम और बढ़ जाता।लेकिन सीधे सही व्यक्ति से संवाद करने से उन्हें सत्य का ज्ञान हुआ और वे अपने कर्तव्य का पालन कर सके।
निष्कर्ष: रूप से कहा जा सकता है कि यह उदाहरण हमें सिखाता है कि जब भी जीवन में कोई गलतफहमी उत्पन्न हो, तो उसे बढ़ाने के बजाय उसी व्यक्ति से सीधे, शांत और सच्चे मन से बात करनी चाहिए। इससे न केवल समस्या का समाधान होता है, बल्कि संबंध भी मजबूत बनते हैं।इसलिए याद रखें:“बातों को फैलाने से नहीं, समझाने से समाधान मिलता है।
✍️ (रवींद्र सिंह मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
मैहर
