“आपदा में मुनाफाखोरी!” गैस एजेंसियों की मनमानी — होम डिलीवरी बंद, फिर भी वसूला जा रहा चार्ज
कटनी। जिले में गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी अब खुलकर सामने आ रही है। उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय एजेंसियां आपदा को अवसर में बदलकर खुली लूट में जुटी हैं। हालात यह हैं कि होम डिलीवरी सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है, लेकिन होम डिलीवरी चार्ज बदस्तूर वसूला जा रहा है।
गैस लेने के लिए मजबूर उपभोक्ताओं को एजेंसी दफ्तर या गोदाम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। नियमों के मुताबिक जब उपभोक्ता खुद सिलेंडर लेने जाए तो डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जा सकता, लेकिन यहां खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
फोन नहीं उठाते एजेंसी संचालक
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी के मोबाइल नंबर पर बार-बार कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलता। कई लोगों ने 4-5 दिन पहले गैस बुकिंग कराई, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला।
सीधा जवाब — “गैस चाहिए तो खुद आओ”
एजेंसी संचालकों का रवैया इतना बेलगाम हो चुका है कि वे साफ कह रहे हैं— “गैस चाहिए तो गोदाम से खुद ले जाओ”। वहीं, जब उपभोक्ता डिलीवरी चार्ज वापस मांगते हैं तो उन्हें टाल दिया जाता है या “गैस खत्म” होने का बहाना बना दिया जाता है।
प्रशासन मौन, जनता परेशान
जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे एजेंसियों के हौसले बुलंद हैं।
अब आम जनता ने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि इस लूट पर रोक लगे और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
सवाल ये है — आखिर कब तक चलेगी ये मनमानी? और कब जागेगा प्रशासन?
