वसई-विरार को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए महापौर की पहल तेज
ठाणे मनपा आयुक्त ने पत्र का लिया संज्ञान, कार्रवाई शुरू..
(विरार/मुंबई) वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान होने वाली गंभीर बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महापौर अजीव पद्मावती यशवंत पाटील की पहल रंग लाती दिख रही है। इस गंभीर मुद्दे पर 10 अप्रैल 2026 को ठाणे महानगरपालिका आयुक्त को भेजे गए पत्र का प्रशासन ने संज्ञान लिया है और उस पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ठाणे महानगरपालिका के उपआयुक्त (मुख्यालय) जी. जी. गोदेपुरे द्वारा 20 अप्रैल 2026 को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि कळवा खाड़ी के संकुचित होने के कारण वसई-नायगांव क्षेत्र में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने के उपायों पर आयुक्त ने स्वयं ध्यान दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे आगे की कार्रवाई के लिए अतिरिक्त आयुक्त-2 को सौंप दिया गया है।
इस मुद्दे को लेकर महापौर अजीव पाटील के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल—जिसमें पूर्व महापौर नारायण मानकर और स्थायी समिति सभापति प्रवीण शेट्टी शामिल थे—ने 27 अप्रैल 2026 को कोकण भवन में विभागीय आयुक्त से भी मुलाकात की। इस बैठक में महापौर ने केंद्रीय जल आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ठाणे, कळवा और वसई खाड़ी में जमा गाद को हटाकर जलधाराओं की गहराई बढ़ाने की मांग की।
महापौर ने यह भी बताया कि खाड़ी में जमा गाद के कारण जल निकासी बाधित होती है, जिससे बारिश के समय पानी भरने की समस्या गंभीर हो जाती है। साथ ही, कळवा खाड़ी के किनारे हुए अवैध अतिक्रमण भी बाढ़ के खतरे को बढ़ा रहे हैं।
विभागीय आयुक्त ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर मानसून से पहले आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
महापौर अजीव पाटील ने स्पष्ट किया कि वसई-विरार के नागरिकों को बाढ़ से राहत दिलाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए केवल अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और तकनीकी समाधान लागू किए जाएंगे।
✍️ संजीव भागीरथी पांडे
महाराष्ट्र प्रमुख
RPKP INDIA NEWS
