न्यायाधीश ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ, जनजागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का लिया संकल्प
नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए 150 मास्टर वॉलंटियर हुए प्रशिक्षित
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करना तथा प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का ऐसा समूह तैयार करना था जो अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचा सके। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं से जुड़े लगभग 150 प्रतिभागियों को मास्टर वॉलंटियर के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम में न्यायाधीश जिला न्यायालय सीधी प्रशांत मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और सतत जागरूकता ही नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. अनूप मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बाल्मी प्रशिक्षण केंद्र भोपाल के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को नशा मुक्ति विषयक विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान चित्र प्रदर्शनी, इलेक्ट्रॉनिक प्रस्तुतियों तथा अन्य प्रशिक्षण सामग्रियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, रोकथाम के उपायों एवं जनजागरूकता गतिविधियों के प्रभावी संचालन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के प्रदीप द्विवेदी ने प्रेरणादायी व्याख्यान देते हुए युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, संस्कारित एवं सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक जीवनशैली को अपनाकर ही नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग धनंजय मिश्रा ने विभागीय उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए शासन द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित करने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन भी उनके द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, खंड पंचायत अधिकारी, जनपद पंचायतों के पंचायत समन्वय अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
