नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर होगा काम : कलेक्टर विकास मिश्रा

जिला स्तरीय एन-कॉर्ड समिति की बैठक में अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

(सीधी) जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एन-कॉर्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, परिवहन, भंडारण एवं उपयोग की रोकथाम के लिए बहु-विभागीय रणनीति पर चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए समन्वित एवं परिणाममूलक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्कूलों एवं महाविद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में गांजा की अवैध खेती, मादक पदार्थों की तस्करी तथा ई-सिगरेट जैसे प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए शिकायत तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कोचिंग संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों एवं छात्रावासों में विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह नशामुक्त वातावरण प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

नशा मुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए कलेक्टर ने “ड्रग्स नहीं, दूध चाहिए” अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही नशे के दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को बचाया जा सकता है।

बैठक में अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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