जबलपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर योगमय हो गई। गैरीसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और लगभग 5 हजार योग साधकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं- योग भारत की अमूल्य धरोहर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा व्यक्ति को शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है और करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।

योग जीवन को देता है नई ऊर्जा : राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमय बनाने की पद्धति है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 20 से 30 मिनट योग, ध्यान और प्राणायाम करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
राज्यपाल ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग विश्व कल्याण का आधार : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग भारत की पहचान बन चुका है और आज 200 से अधिक देशों में लोग योग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग का अर्थ जोड़ना है और भारत ने सदैव पूरी दुनिया को एक परिवार मानने का संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में “हर घर योग अभियान” के माध्यम से लाखों लोगों को योग से जोड़ा गया है।

मध्यप्रदेश योग की पवित्र भूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश योगियों और संतों की तपोस्थली रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी, जहां योग विज्ञान का भी अध्ययन किया गया था। प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत योग को नई ऊर्जा देने का कार्य कर रही है।
5000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योग
कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल दिखाई दिया। आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लोगों ने स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प भी लिया।
