भाजपा राज में मध्य प्रदेश बना शराब और ड्रग्स माफियाओं का सुरक्षित ठिकाना – जीतू पटवारी
(भोपाल) मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में लगातार सामने आ रहे शराब तस्करी और ड्रग्स के बड़े मामलों को भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है।
श्री पटवारी ने कहा कि हाल ही में आलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में कूरियर कंपनी के दो कंटेनरों से करीब ₹2 करोड़ मूल्य की 2,004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि एक कंटेनर से 930 पेटी और दूसरे से 1,074 पेटी शराब बरामद की गई, जिसे ड्राई स्टेट गुजरात भेजा जा रहा था। इस मामले में देवास के दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन यह केवल इस विशाल नेटवर्क की एक छोटी कड़ी है।
उन्होंने कहा कि यह घटना अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि भोपाल,मंदसौर के बाद अब मऊगंज में करोड़ों रुपये की ड्रग्स फैक्ट्री पकड़े जाने का मामला सामने आ गया। यह साबित करता है कि मध्य प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और इसकी जड़ें बेहद गहरी हो चुकी हैं। शराब माफिया हों या ड्रग्स माफिया, दोनों ही बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क है। सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये की अवैध शराब प्रदेश की सड़कों पर खुलेआम कैसे दौड़ रही थी? करोड़ों की ड्रग्स फैक्ट्री किसके संरक्षण में संचालित हो रही थी? क्या सत्ता के संरक्षण और प्रशासनिक मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव है?
श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दो दशक के शासन में मध्य प्रदेश अपराध और माफियाओं का गढ़ बनता जा रहा है। शराब माफिया, ड्रग्स माफिया, रेत माफिया और भू-माफिया लगातार मजबूत हुए हैं। कानून का भय समाप्त हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। आज प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में जा रहा है, लेकिन सरकार केवल प्रचार और झूठे दावों में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुशासन की बातें करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनके शासन में मध्य प्रदेश शराब और ड्रग्स तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बन गया है। एक ओर ड्राई स्टेट गुजरात तक अवैध शराब पहुंचाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के भीतर करोड़ों रुपये का ड्रग्स कारोबार फल-फूल रहा है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
श्री पटवारी ने मांग की कि आलीराजपुर शराब तस्करी और मऊगंज ड्रग्स फैक्ट्री दोनों मामलों की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। केवल छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। पूरे नेटवर्क के सरगनाओं, आर्थिक मददगारों, संरक्षण देने वाले अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि आखिर मुख्यमंत्री बताएं कि मध्य प्रदेश में शराब और ड्रग्स माफियाओं का यह समानांतर तंत्र किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है? यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो न जाने कितनी और खेप युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए बाजार तक पहुंच जाती।
अंत में श्री जीतू पटवारी ने कहा—
“जब शराब माफिया को मिले भाजपा का साथ, तो फिर उन्हें डरने की क्या बात?”
“जहां-जहां भाजपा, वहां-वहां शराब और ड्रग्स माफिया।”
“मध्य प्रदेश को नशे का अड्डा नहीं बनने देंगे। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
