दुख की घड़ी में पत्रकारिता का मानवीय चेहरा: विकास ताम्रकार के परिवार की मदद को आगे आया तहसील पत्रकार संघ बरही

आपसी सहयोग से जुटाए ₹37,500, दिवंगत पत्रकार की माता को सौंपी सहायता राशि; हर कदम पर साथ निभाने का दिलाया भरोसा

(बरही/कटनी) पत्रकारिता केवल खबरें लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनाओं और सामाजिक दायित्वों का भी नाम है। इसका जीवंत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब सड़क हादसे में दिवंगत हुए पत्रकार विकास ताम्रकार के परिवार के कठिन समय में तहसील पत्रकार संघ बरही पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा नजर आया।

संघ से जुड़े पत्रकारों ने आपसी सहयोग से ₹37,500 की राशि एकत्रित कर विकास ताम्रकार की माता दुर्गा ताम्रकार को उनके निवास पर सम्मानपूर्वक भेंट की। इस दौरान पत्रकारों ने कहा कि यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार परिवार की आत्मीय संवेदना और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने परिवार को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी हरसंभव सहयोग के लिए पूरा पत्रकार परिवार सदैव साथ रहेगा।

गौरतलब है कि लगभग 13 दिन पूर्व बनारस से लौटते समय हुए भीषण सड़क हादसे में पत्रकार विकास ताम्रकार, उनकी पत्नी सोनम ताम्रकार तथा उनकी बहन का असामयिक निधन हो गया था। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। विकास ताम्रकार अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद दो मासूम बच्चों, लकवाग्रस्त बड़े भाई और हृदय रोग से पीड़ित वृद्ध माता के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

तेरहवीं संस्कार के अवसर पर आयोजित शोकसभा में पत्रकारों ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए और परिवार को इस असहनीय दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर दीपक अग्रवाल, आनंद सराफ, अजय वर्मा, कृष्ण कुमार मिश्रा, संदीप स्वर्णकार, सत्येंद्र गौतम, लखन विश्वकर्मा, प्रेमलाल सेन, गुड्डू राव, नीरज तिवारी, संजय साहू, जानकी विश्वकर्मा, राजेश केवट एवं सुखेंद्र सहित तहसील पत्रकार संघ बरही के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

संवेदना से बढ़कर कोई धर्म नहीं

तहसील पत्रकार संघ बरही की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब परिवार पर संकट आता है, तब सच्चे साथी वही होते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के उसके साथ खड़े हों। यह अनुकरणीय प्रयास पत्रकारिता के मानवीय मूल्यों, सामाजिक सरोकार और आपसी एकजुटता की प्रेरक मिसाल बन गया है।

✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
              बरही

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