प्रतिबंध के बावजूद नदावन की हलफल नदी में धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन के आरोप

स्थानीय लोगों ने प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

(बरही) RPKP INDIA NEWS मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेशभर में रेत के उत्खनन और परिवहन को लेकर लागू नियमों एवं प्रतिबंधों के बीच कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नदावन की हलफल नदी एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद यहां लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो न केवल शासन को राजस्व की हानि होगी, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ गिने-चुने रेत कारोबारी कथित राजनीतिक संरक्षण और प्रभाव के दम पर खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि यह गतिविधियां किसी एक दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से लगातार चल रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

कार्यवाही सिर्फ दिखावे तक सीमित ग्रामीणों का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर किसी एक ट्रैक्टर पर कार्रवाई कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी होने का संदेश देता है, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में लगातार बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रेत का परिवहन करती दिखाई देती हैं। कई ग्रामीणों का दावा है कि पिछले कुछ महीनों से ऐसी औपचारिक कार्रवाई भी लगभग बंद हो गई है।

लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन चाहे तो एक ही दिन में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है, लेकिन धरातल पर ऐसा होता दिखाई नहीं देता। इसी कारण प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में नदी से रेत भरते हुए दिखाई दे रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह वीडियो ग्राम नदावन की हलफल नदी का है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में अवैध उत्खनन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि वीडियो वास्तविक है तो संबंधित विभागों को इसकी तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि वीडियो कब का है, कहां का है और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियां वैध थीं या अवैध।

करोड़ों की सड़क निर्माण परियोजना पर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार ग्राम नदावन में लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कहीं निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही रेत का स्रोत हलफल नदी तो नहीं है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है और न ही किसी विभाग ने इसकी पुष्टि की है।

यदि निर्माण कार्य में प्रयुक्त रेत के संबंध में कोई संदेह है, तो क्षेत्रवासियों का कहना है कि इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए ताकि तथ्य सामने आ सकें और किसी भी प्रकार की भ्रांति समाप्त हो सके।

आम व्यक्ति पर सख्ती, प्रभावशाली लोगों पर नरमी?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई सामान्य व्यक्ति अपने निजी निर्माण कार्य के लिए एक ट्रॉली रेत ले जाने का प्रयास करता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई हो जाती है। लेकिन यदि बड़े पैमाने पर लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चल रही हैं और उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह समान कानून व्यवस्था के सिद्धांत पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि प्रतिबंध लागू है तो उसका पालन भी सभी पर समान रूप से होना चाहिए, चाहे वह सामान्य नागरिक हो या प्रभावशाली व्यक्ति।पर्यावरण और नदी अस्तित्व पर भी खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों से अनियंत्रित रेत उत्खनन होने पर जलधारा प्रभावित होती है, भूजल स्तर पर असर पड़ता है, नदी के किनारों का कटाव बढ़ता है तथा भविष्य में जल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अवैध उत्खनन केवल राजस्व का विषय नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।

क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
ग्राम नदावन की हलफल नदी का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए।
खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जांच करे।
ड्रोन सर्वे एवं रात्रिकालीन निगरानी कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित रेत कारोबारियों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही रेत के स्रोत का सत्यापन कराया जाए।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है ऐसे में अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ग्राम नदावन की हलफल नदी में कथित अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी, या फिर कार्रवाई केवल शिकायतों और कागजी औपचारिकताओं तक ही सीमित रहेगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई तय करेगी।

✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
         बरही

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