26 वर्ष बाद मिला मरणोपरांत राष्ट्रीय सम्मान, मैहर के कलाकार स्व. शरद कुमार सिंह बने ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार अनमोल रत्न’
इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सुपुत्र रवींद्र सिंह ने ग्रहण किया सम्मान, कला एवं समाज सेवा के अमूल्य योगदान को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
(मैहर) RPKP INDIA NEWS मैहर के सुप्रसिद्ध चित्रकार, शिक्षाविद एवं पूर्व केंद्राध्यक्ष स्वर्गीय शरद कुमार सिंह को उनके अद्वितीय कला योगदान और समाज सेवा के लिए मरणोपरांत “राष्ट्रीय मानवाधिकार अनमोल रत्न” सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन “ए” नई दिल्ली एवं इंदौर आयोजक मंडल द्वारा 12 जुलाई 2026 को इंदौर में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया।
स्व. शरद कुमार सिंह की ओर से यह सम्मान उनके सुपुत्र रवींद्र सिंह ‘मंजू सर’ ने ग्रहण किया। समारोह में राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन “ए” के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पटेल, सेवानिवृत्त मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आई.एस. श्रीवास्तव सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। मंच से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर उनके योगदान का सम्मान किया गया।

स्व. शरद कुमार सिंह न केवल एक शासकीय शिक्षक एवं केंद्राध्यक्ष थे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त चित्रकार भी थे। उन्होंने कला को व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का “दुर्गा रूप” चित्र, महात्मा गांधी का अपने रक्त से निर्मित चित्र, तथा माता शारदा की प्रथम ऑयल पेंटिंग जैसी ऐतिहासिक कृतियां तैयार कीं, जिन्हें व्यापक सराहना मिली।
उनकी बनाई कलाकृतियां पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा, राजमाता सिंधिया, अर्जुन सिंह, श्यामाचरण शुक्ल, संगीत सम्राट उस्ताद अलाउद्दीन खान सहित अनेक राष्ट्रीय हस्तियों को भेंट की गईं। देश के कई मुख्यमंत्री, कलेक्टर, कमिश्नर और उच्च अधिकारियों ने उनकी कला की प्रशंसा करते हुए सम्मानित किया था।
स्व. शरद कुमार सिंह को अपने जीवनकाल में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2000 में उनके निधन के बाद भी उनकी कला लोगों के बीच जीवंत बनी रही। करीब 26 वर्ष बाद मिले इस राष्ट्रीय सम्मान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मैहर और मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान उनकी कला, समर्पण और समाज सेवा के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्त की गई श्रद्धांजलि माना जा रहा है।

