हाथी की गतिविधियों पर वन विभाग एवं प्रशासन की कड़ी निगरानी- डीएफओ श्री मिश्रा
बाणसागर क्षेत्र में जनहानि एवं पशुहानि के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही वन विभाग द्वारा कर शासन के नियमानुसार रुपये 08 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत
(मैहर) वन मंडलाधिकारी श्री विद्या भूषण मिश्रा ने बताया कि वन परिक्षेत्र अमरपाटन के अंतर्गत ग्राम क्षेत्र में वर्तमान में एक जंगली नर हाथी विचरण कर रहा है। उक्त हाथी का पूर्व में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया प्रशासन द्वारा जीपीएस कॉलर के माध्यम से वैज्ञानिक अनुश्रवण एवं प्रबंधन किया जा रहा था। वर्तमान में हाथी की गतिविधियों का वन विभाग द्वारा लगातार गहन अनुश्रवण किया जा रहा है। वन मंडलाधिकारी श्री मिश्रा ने बताया कि 07 सितंबर 2026 को बाणसागर क्षेत्र में जनहानि एवं पशुहानि के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही वन विभाग द्वारा कर शासन के नियमानुसार रुपये 08 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत की गई है।
वर्तमान में हाथी अमरपाटन वन परिक्षेत्र के गोरसी बीट तथा आसपास के ग्राम क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। हाथी की रात्रिकालीन सक्रियता अधिक होने के कारण अमरपाटन, मैहर एवं मुकुंदपुर वन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वनमंडल मैहर के अनुश्रवण दल द्वारा हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि हाथी के पास जाने अथवा उसे घेरने या खदेड़ने का प्रयास न करें। जंगल में बिना अनुमति प्रवेश न करें और हाथी की फोटो अथवा सेल्फी लेने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। हाथी को पत्थर मारकर, शोर करके अथवा किसी अन्य माध्यम से उत्तेजित न करें।
हाथी दिखाई देने पर कम से कम 200 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हाथी के विचरण के दौरान जंगल के किनारे स्थित कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीण यथासंभव ग्राम पंचायत भवन अथवा अन्य पक्के एवं सुरक्षित सामुदायिक भवनों में आश्रय लें। हाथी के खेतों में आने पर उसे भगाने के लिए उसके पास न जाएं। वन्यप्राणी से फसल क्षति होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि राजस्व विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। वन विभाग, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सक्रिय समन्वय से हाथी की गतिविधियों का गहन अनुश्रवण किया जा रहा है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि हाथी की सूचना तत्काल निकटतम वन अधिकारी अथवा जिला प्रशासन को दें तथा विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
