जैविक खेती में अलग पहचान बना रहा सांसद आदर्श ग्राम बण्डा

बंटाई की जमीन पर जैविक खेती से आत्म निर्भर हुये किसान रामकृष्ण कुशवाहा

कटनी  सांसद खजुराहो श्री वी.डी. शर्मा द्वारा कटनी जिले में आदर्श ग्राम के रुप में गोद लिया हुआ बण्डा ग्राम जैविक खेती के लिये अपनी पहचान बना चुका है। गांव में लगभग सभी किसान और आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूह की सदस्य महिलायें अपने खेतों में सब्जी, मसाले, फल और रबी, खरीफ की अनाज फसलें जैविक पद्धति से उगा रहे हैं। रासायनिक खाद और रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक खाद, कीटनाशकों को उपयोग कर भरपूर उत्पादन भी ले रहे हैं।

            अमरपाटन के एक गांव से कटनी के बण्डा ग्राम आकर बसे किसान रामकृष्ण कुशवाहा यहां बरेली की कलाबाई से बण्डा ग्राम स्थित उनकी साढ़े 5 एकड़ जमीन बंटाई पर लेकर पूरी तरह जैविक पद्धति से अनाज, फल, सब्जी और मसाले की खेती कर रहे हैं और भरपूर उत्पादन के जरिये अच्छी आमदनी प्राप्त कर आत्म निर्भर हो रहे हैं। किसान रामकृषण कुशवाहा बताते हैं कि अमरपाटन के पैतृक गांव में मात्र एक एकड़ उनके हिस्से में जमीन आई थी। लिहाजा उन्होने अपनी पत्नि और दो बच्चों के साथ बण्डा गांव आकर बंटाई पर जमीन लेकर खेती करनी शुरु की। पिछले दस वर्षों से खेती कर रहे रामकृषण कुशवाहा सहित गांव के 20-25 अन्य किसानों ने कृषि विभाग की आत्मा परियोजना की सलाह पर जैविक खेती की ओर रुख किया। रामकृष्ण ने जमीन में कुंआ खुदवाकर सिंचाई के लिये पानी का प्रबंध किया तथा कम्पोस्ट, नाडेप और वर्मीपिट बनवाये। उन्होने अपने खेतपर 4 गाय भी पाल रखी है।

            रामकृष्ण कुशवाहा ने बताया कि अपने खेतों में तीन फसल लेते हैं। जायद फसल में तरबूज की खेती उन्हें बहुत मुनाफा दे जाती है। अपनी आवश्यकता के लिये बासमती और हाईब्रिड 64-44 गोल्ड धान की फसल बोते हैं। एक एकड़ जमीन में धान की 30 क्विंटल उपज प्राप्त करते हैं। इसके अलावा शेष जमीन पर तिल की फसल और सब्जी में अरबी, मिर्च, मसालों में हल्दी और अदरक के अलावा शकरकंद की फसल भी ले रहे हैं। पांच एकड़ जमीन में मेड़ों पर फलदार पौधे केला, अमरुद, अनार और नींबू के पेड़ लगा रखे हैं। जिनसे मौसमी फल भी अतिरिक्त आमदनी दे जाते हैं। किसान रामकृष्ण अपनी पत्नि और बेटे के साथ दिनभर अपने खेतों में ही व्यस्त रहते हैं। उन्होने बताया कि अनाज, सब्जी, मसाले किसी फसल की खेती में रासायनिक उर्वरकों या कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है। बल्कि केवल कम्पोस्ट, वर्मी खाद और वावेरिया जैविक कीटनाशक का ही उपयोग किया जाता है। विगत दिनों कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने अपने बण्डा भ्रमण के दौरान किसान रामकृष्ण कुशवाहा द्वारा की जा रही जैविक खेती का अवलोकन कर उत्साहवर्धन किया है।

 

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