सामाजिक बुराईयों का करें बहिष्कार – संजय कस्तवार
ग्राम चाका में महिला सशक्तिकरण एवं जागरुकता शिविर सम्पन्न
कटनी – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी द्वारा आज शुक्रवार को ग्राम पंचायत चाका पुरैनी में महिला सशक्तिकरण एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी अचल कुमार पालीवाल के मार्गदशन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक उपस्थित रहे।
इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये श्री कस्तवार ने महिलाओं के दैनिक जीवन में आने वाली आर्थिक और सामाजिक कठिनाईयों के प्रमुख कारणों को समझाते हुये जनसंख्या नियंत्रण किये जाने, नशा और शराब जैसी बुराईयों का बहिष्कार करने प्रेरित किया। साथ ही समझाईश दी कि जब तक सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिये कोई कानून नहीं बनाती, तब तक जनता को स्वतः जागरुक होकर छोटे परिवार की नीति अपनानी चाहिये। इसी में देश, समाज तथा परिवार की भलाई है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी मनीष कौशिक ने उपस्थित महिलाओं को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी के साथ निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पात्रता की जानकारी दी।
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गौरव पुष्प ने उपस्थित नागरिकों को कौशल विकास, छोटे घरेलू कुटीर उद्योग, लघु उद्योग से अपनी आर्थिक स्थिति को सबल बनाने के बारे में विस्तार से जानकारी व समझाईश दी। महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेति ने वन स्टॉप सेन्टर में महिलाओं को मिलने वाली काउन्सलिंग एवं सुविधाओं तथा योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हुये निःशुल्क हेल्पलाईन नंबर 181, 1090 एवं 1098 के संबंध में ग्रामीण महिलाओं को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन बाल संरक्षण अधिकारी मनीष तिवारी द्वारा कियो गया।
जनजागरुकता कार्यक्रम हेतु राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा प्रशिक्षित रिसोर्स पर्सन मीना सिंह बघेल द्वारा महिलाओं और संविधान अन्तर्गत उनके अधिकार, संवैधानिक उपचार, पारिवारिक कानून अन्तर्गत विवाह एवं तलाक, भरण-पोषण, न्यायिक विभाजन, महिलाओं को संपत्ति का अधिकार, आपराधिक और नागरिक कानून अन्तर्गत अश्लीलता, दहेज प्रथा, एैसिड अटैक, महिलाओं का अपमान, अपहरण, बलात्कार और यौन उत्पीड़न, क्रूरता, घरेलू हिंसा, यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम एक्ट 2012 अन्तर्गत महिलाओं का विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
रिसोर्स पर्सन आशा सिंह चौहान ने वरिष्ठ नागरिकों के लिये विधिक सहायता, श्रम कानून, महिलाओं और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार एवं कैदी महिलाओं को प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में कानूनी जानकारी देकर जागरुक किया। शिविर में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने सहभागिता की। इस दौरान प्रवेश द्वार पर सभी प्रतिभागियों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनीटाईजेशन कराया गया। साथ ही भाग लेने वाली महिलाओं का योजनाओं के पम्पलेट्स भी वितरित किये गये। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच रहीसा बेगम, सचिव संजय द्विवेदी, जिला प्राधिकरण के कर्मचारी व पैरालीगल वॉलेन्टियर्स भी उपस्थित रहे।

