नारी के सम्मान में एक शिक्षक का अनूठा अभियान
कन्या पूजन से शुरु करते हैं अपने कार्य की शुरुआत
विगत 22 वर्षों से अनवरत जारी है यह सिलसिला
कटनी – नारी सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा विभिन्न योजनायें एवं अभियान संचालित किये जा रहे हैं। प्रदेश के मुखिया श्री शिवराज सिंह चौहान ने हर शासकीय कार्यक्रम की शुरुआत भी कन्या पूजन से करने के आदेश जारी किये हैं। महिला सुरक्षा की दिशा में जनजागरुकता लाने के उद्देश्य से सम्मान अभियान भी संचालित है। महिलाओं के मान, सम्मान और सुरक्षा के लिये कार्य करने वाले ही हमारे असली हीरो हैं। एैसा ही एक अनूठा प्रयास विगत लंबे अरसे से कटनी के एक शिक्षक ने प्रारंभ कर रखा है। यह कहानी है कटनी जिले के बड़वारा विकासखण्ड के अन्तर्गत ग्राम लोहरवारा-1 के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक राजा भैया सोनी की।
कटनी जिले में पदस्थ इस शिक्षक ने महिलाओं और बच्चियों के सम्मान में एक अनूठा अभियान छेड़ रखा है। पिछले दो दशक पूर्व से श्री सोनी के द्वारा पढ़ाई के पहले कन्या पूजन किया जाता है। ये शिक्षक जहाँ स्कूल में हर रोज प्रार्थना के समय बिना भेदभाव के सभी वर्ग की छात्राओं का पैर धोकर पूजन करते रहे हैं। वहीं कोरोना महामारी के दौर मे भी ’’हमारा घर-हमारा विद्यालय’’ के तहत संचालित मोहल्ला क्लास में कन्याओं का पूजन करना नही भूलते।। पिछले तेईस वर्षो से ये सिलसिला लगातार जारी है। इनके इस अनूठे कार्य को हर स्तर पर सराहना भी मिली है। इस अभियान को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी शामिल किया गया है।

सहायक शिक्षक ने महिला सम्मान की मिशाल कायम की है। शिक्षक श्री सोनी शाला के प्रभारी प्राचार्य भी हैं। राजा भैया महिलाओं और बच्चियों के प्रति समाज को संदेश देने की कोशिश करते रहे हैं। शाला में पढ़ाई से पहले हर रोज सभी वर्ग की छात्राओं के पैर पखारकर कन्या पूजन का तेईस साल पहले शुरू किया गया सिलसिला आज भी जारी रखा है। वे मानते हैं कि कन्या पूजन छात्राओं और महिलाओं का सम्मान बढ़ाने व भेदभाव मिटाने का प्रयास है।
श्री सोनी कहते हैं कि इसके लिए उन्हें परिवार से प्रेरणा मिली कि लोंगो की सोच बदलने के लिए महिलाओं का सम्मान करूंगा ताकि लोगों में नैतिकता का वातावरण बने। साथ ही महिलाओं को सम्मान जनक जीवन जीने का अच्छा माहौल मिलेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन द्वारा हर कार्यक्रम में कन्या पूजन शुरू करने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह का आभार व्यक्त किया है। उनका प्रयास है कि स्कूली पाठ्यक्रम में महिलाओं के सम्मान को शामिल किया जाय, हमारे नैतिक शिक्षा में एक पाठ शामिल किया जाये।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को शिक्षक राजा भैया ने सही अर्थों में सार्थक किया है। शिक्षक द्वारा कन्या पूजन से न केवल स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों में उत्साह का संचार है। बल्कि लोंगो में भी जागरूकता देखी जा सकती है। यही कारण है कि लोग शिक्षक राजा भैया के अनुकरणीय कार्य की सराहना करते हैं।

