जीवन जीने की उत्तम कला ही विज्ञान है – मंत्री श्री सखलेचा
( भोपाल )
राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान केंद्र का शुभारंभ
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि तन, मन और विचार के समन्वय करने का सबसे अच्छा तरीका विज्ञान है, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समन्वय के कारण ही दुनिया छोटी होती जा रही है और हम कहीं भी बैठकर दुनिया को देख पा रहे हैं उन्होंने कहा कि असल में जीवन जीने की उत्तम कला ही विज्ञान है।
मंत्री श्री सखलेचा मंगलवार को स्वयंसेवी संस्था साइंस सेंटर मध्य प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के सहयोग से सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय भोपाल मे राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य स्तरीय आयोजन के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि प्रदेश के 52 जिलों से आए जिला समन्वयकों से अपेक्षा है कि वे बच्चों को इस प्रकार विकसित करेंगे कि वह अपनी रुचि के साथ पीस ऑफ माइंड से आगे बढ़ सके। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अनिल कोठारी ने कहा कि विगत दिनों कोविड-19 के दौरान पारंपरिक विज्ञान के कारण हमें बहुत मदद मिली। इस समय हमें एहसास हुआ कि कहीं ना कहीं हमने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़कर आज खामियाजा भुगता है। कुलपति सेम ग्लोबल विश्वविद्यालय सुश्री प्रीति सलूजा ने कहा कि समूह 62 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश में विश्व स्तरीय गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने हेतु की गई है।
इस वर्ष बाल वैज्ञानिकों ने सतत जीवन के लिए विज्ञान विषय पर परियोजना तैयार की है। अकादमिक समन्वयक के समन्वय से मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रदेश से सर्वश्रेष्ठ 30 परियोजनाओं का चयन राष्ट्रीय आयोजन के लिए किया जायेगा। यह आयोजन 4 फरवरी 2021 तक चलेगा।

