जिला न्यायालय में मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
( रायसेन )
जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन (म.प्र.) की अध्यक्षता में 13 फरवरी 2021 को जिला न्यायालय स्थित एडीआर भवन में जिला स्तरीय मीडिएशन मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक एवं मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में श्री संजीव कुमार सरैया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय, श्रीमती नीलम मिश्रा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री हिदायतउल्ला खान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, श्री अफजल खॉन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री जयप्रताप चिढ़ार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती रिजवाना कौसर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती मनीषा जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमती गार्गी शर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्री मोहित परसाई न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रशिक्षु मजिस्ट्रेट, श्री विमल कुमार जैन अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ रायसेन, श्री ओपी सोनी जिला अधिवक्ता संघ रायसेन, मीडिएटर अधिवक्तागण एवं पक्षकार उपस्थित थे। जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष के द्वारा बताया गया कि पक्षकारों को मध्यस्थ पर भरोसा होना चाहिए जिससे वह अपने मन की बात एवं विवाद को उनके समक्ष रख सके मध्यस्थता विवादों को निपटाने की सरल एवं निष्पक्ष प्रक्रिया है। विभिन्न पक्ष अपने विवाद को सभी दृष्टिकोण से मापते हैं। मध्यस्थता अधिकारी दबावरहित वातावरण में विभन्न पक्षों के विवादों का निपटारा कराता है।
श्री हिदायतउल्ला खान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रायसेन के द्वारा बताया गया कि मध्यस्थता से विवाद का अविलम्ब व शीघ्र समाधान किया जाता है समय तथा खर्चो की बचत होती है। मध्यस्थ वाले मामले में कोई अपील या संशोधन नहीं होता, विवाद का अंतिम रूप से निपटारा हो जाता है। इसी क्रम में श्रीमती नीलम मिश्रा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि आज के सामाजिक, आर्थिक परिवेश में विषमताओं की अंतहीन श्रृंखला में समाज के हर वर्ग एवं स्तर पर असंतोष का उद्भव विवादो का जनक है। इस दशा मे सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 अंतर्गत विवादों के वैकल्पिक निराकरण की प्रमुख पद्धति के रूप में मध्यस्थता पद्धति की सम्पूर्ण विश्व में अपनी एक पहचान स्थापित हुई है। मध्यस्थता के विकल्प की जागरूकता बढ़ाये जाने के उद्देश्य से मध्यस्थता के लाभों से लोगों को अवगत कराये जाने के लिए पंपलेट वितरित किये गये, जिससे लोगों में मध्यस्थता योजना का प्रचार प्रसार हो सकें।

