उमरबन सीडीपीओ को निलंबित करने के कलेक्टर के निर्देश
( धार )
कुपोषण के खिलाफ लडाई का मुख्य घटक पूरक पोषण आहार वितरण है। उमरबन सीडीपीओ द्वारा इस सिलसिले में आधा लक्ष्य ही हासिल किया गया है। इन्हे तत्काल निलंबित किया जाए। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं लाडली लक्ष्मी योजना में बार-बार निर्देशित करने पर भी अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही करने पर पॉच सीडीपीओं की दो-दो वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। इनमें परियोजना अधिकारी बदनावर 1 भगतसिंह चौहान, परियोजना अधिकारी गंधवानी शकुन्तला बामनिया, परियोजना अधिकारी उमरबन अर्चना सिंह, परियोजना अधिकारी धरमपुरी प्रिया बुदेंला, परियोजना अधिकारी कुक्षी सेलिना मिंज शामिल है। जिन सीडीपीओं द्वारा विभागीय कार्य में रूचि नहीं ली जा रही है उनका चार्ज अन्य किसी को दिया जाए।
कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष वशिष्ट और एडीएम सलोनी सिडाना सहित जिला अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पोषण पुर्नवास केंद्र में कोई भी बेड खाली न रहे। भर्ती बच्चों की छुटटी होने पर प्रोपर फालोअप लिया जाए। सीएम हेल्पलाईन में कोई शिकायत अगर आप के विभाग से संबंधित नहीं हो तो उसे 48 घंटे के भीतर स्थानांतरित कर दे। यह कार्य एल- 1 स्तर पर ही किया जा सकता है। विभाग से संबंधित शिकायतों की प्रति सप्ताह समीक्षा में अगर केटेगरी डाउन लेवल पर आए उन कार्यालय प्रमुखों को शोकाज नोटिस जारी किया जाए। विभाग प्रमुख आवश्यक पत्रों की फाईल सीईओं अथवा एडीएम के माध्यम से पुटअप करना सुनिश्चित करें। दस्तक अभियान के तहत कुपोषित बच्चो को चिन्हित किया जाए। साथ ही जिन बच्चों की सर्जरी व आपरेशन किया जाना है उन्हे भी चिन्हित किया जाए। बैठक में उन्होने कहा कि दस्तक अभियन के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग बैठक आयोजित कर अभियान की प्रगति के लिए कार्य योजना तैयार करें। अभियान के तहत की गई प्रगति की ब्लाक स्तर की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत की जाए। इसके लिए बेहतर कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री के आगामी दिवस में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सभी विभाग अपने विभाग के कार्य की तैयारियॉ करना सुनिश्चित की जाए।

