Outraged by the anger of the bureaucracy, the Chief Minister Kamal Nath was saddened.
विधायकों में पनपा आक्रोश अफसरशाही से परेशान, मुख्यमंत्री कमलनाथ को सुनाया दुखड़ा: पहली बार निर्वाचित होकर आए 38 विधायकों का अघोषित रूप से बना संगठन
पंकज पाराशर छतरपुर
भोपाल l मध्य प्रदेश विधानसभा में निर्वाचित होकर आए विधायकों को अफसरशाही से परेशान होना पड़ रहा है, प्रशासन का आलम यह है अफसर तो ठीक चपरासी भी नहीं सुन रहे हैं l निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने पहली बार निर्वाचित हुए निर्दलीय व क्षेत्रीय दलों के विधायकों को अफसरशाही और मंत्रियों द्वार नजर अंदाज करने का आरोप लगाया। लिहाजा मप्र विधानसभा में पहली बार निर्वाचित होकर आए 38 विधायकों का अघोषित रूप से संगठन बना लिया गया है जिसका नाम ही शेरा ग्रुप दिया गया है l प्रदेश की कमलनाथ सरकार को एक साल पूरा हो गया है लेकिन पहली बार चुन कर आए विधायकों में यह सोच पनप रही है कि पहली बार विधायक चुनकर आए विधायकों की ना सरकार सुनवाई कर रही है और न ही अफसरशाही लिहाजा विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज में विधानसभा में पहली बार चुनकर आए विधायकों की बैठक हुई l इस बैठक में बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा भी शामिल हुए | उन्होने बताया कि एक साल पूरा हो गया क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे है लिहाजा सीएम तक अपनी बात को ठोस तरीके से पहुंचाने के लिए पहली बार विधायक चुनकर आए विधायकों ने यह पहल की है l इस संगठन का नाम भी शेरा ग्रुप दिया गया है l इसमें यह तय किया गया कि सीएम कमलनाथ से इस फोरम के माध्यम से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई जाएगी l
