मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पीपल का पौधा लगाया

( भोपाल )

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंगलवार को स्मार्ट उद्यान में पीपल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पीपल का पौधा और वृक्ष प्रगति का प्रतीक है। मध्यप्रदेश के सभी नागरिक पौधे लगाएँ। परिवार के सदस्यों की जन्म और विवाह वर्षगाँठ भी पौधारोपण कर मनाई जाए।

पीपल का महत्व

पीपल एक छायादार वृक्ष है। पर्यावरण शुद्ध करता है। इसका धार्मिक महत्व भी है। स्कंद पुराण के अनुसार पीपल के मूल में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तो में हरि आदि देव रहते हैं। पीपल वृक्ष की पूजा करने से सभी देव प्रसन्न होते हैं। पीपल में पितरों का निवास भी माना गया है। इसमें सब तीर्थों का निवास होता है, इसलिए ज्यादातर संस्कार इसके नीचे कराए जाते हैं। पीपल के वृक्ष की महत्ताभ का पुराणों और अन्यज धार्मिक ग्रंथों में खूब वर्णन किया गया है। इस वृक्ष की सकारात्मक उर्जा को देखते हुए ऋषि-महात्माओं नें पीपल वृक्ष के नीचे बैठ कर तप किया और ज्ञान अर्जित किया। महात्मा बुद्ध नें भी पीपल के नीचे बैठकर ही जन्म-मृत्यु और संसार के रहस्यों को जाना था।

सर्दी-जुकाम जैसी समस्या में भी पीपल लाभदायक होता है। पीपल के पत्तों को छाँव में सुखाकर मिश्री के साथ इसका काढ़ा बनाकर पीने से काफी लाभ होता है। इससे जुकाम जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। पीलिया हो जाने पर पीपल के 3-4 नए पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर बनाए गए शरबत को पीना बेहद फायदेमंद होता है। इसे 3-5 दिन तक दिन में दो बार लेने से लाभ होता है।

प्रकृति विज्ञान के अनुसार पीपल का वृक्ष दिन-रात आक्सीजन छोड़ता है, जो पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा पीपल के पेड़ को अक्षय वृक्ष भी कहा जाता है क्योंकि ये पेड़ कभी भी पत्ते विहीन नहीं होता। इसमें एकसाथ पतझड़ नही होता। पत्ते झड़ते रहते हैं और नए आते रहते हैं। पीपल के वृक्ष की इस खूबी के कारण इसे जीवन-मृत्यु चक्र का घोतक बताया गया है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें