राजगढ जिले के कुरावर गांव में पहुँचा खेल साक्षरता प्रसार वाहन

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(राजगढ़) खेल साक्षरता प्रसार वाहन राजगढ जिले के कुरावर गांव पहुँचा। गतदिनों 6 अगस्त को द्वारा खेल साक्षरता प्रसार वाहन कुरावर में भारी तादाद में ग्रामीण बच्चे, महिला और पुरूष के साथ-साथ ग्राम प्रधान भी उत्सुकता से इस खेल साक्षरता वाहन को देखने पहुँचे। वाहन में लगी बड़ी एलसीडी स्क्रीन पर दर्शकों को खेल के ऊपर बनी 3 डाक्यूमेंटी फिल्म दिखाई गई। साथ ही संस्था ‘स्पोर्ट्स ए वे ऑफ लाइफ’ के अध्यक्ष डॉ. कनिष्क पाण्डेय मौजूद ग्रामीणों को वीडियों कांन्फ्रेंसिंग के जरिये सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने बच्चों को ओलम्पिक खेलों के बारे में तो बताया ही साथ ही साथ उन्हें खेलोन्मुखी करने के लिए प्रोत्साहित भी किया तथा गाँव का वायदा भी किया। यह भी आश्वस्त किया कि उनके गाँव के लिए प्रशासन से खेल मैदान उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे और खेल उपकरण भी उपलब्ध कराने का प्रयत्न करेंगे। इसके साथ ही श्री पाण्डेय ने हर उम्र के लोगों को खेलने का आह्वान किया और खेल को सिर्फ मेडल जीतने के नजरिये से ना देखने का आग्रह किया। खेल को एक मनोरंजन के रूप में तथा शारीरिक व्यायाम जिससे कि वो स्वस्थ रह सकें तथा चरित्र निर्माण के श्रोत के रूप में देखने का आग्रह किया।
खेल साक्षरता प्रसार वाहन को एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन कर 15 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं के द्वारा गाजियाबाद में 9 जुलाई को भारत यात्रा के लिए रवाना किया गया है। इस यात्रा के दौरान जहाँ कुरावर में पहुँचने के उपरान्त खेल के ऊपर बनी वीडियो फिल्म प्रदर्शित करने के साथ-साथ बच्चों को खेल पुस्तिकाएं, खेल प्रवेशिका, Know Sports तथा खेल वर्णमाला पर बना कलेण्डर भी बच्चों के बीच वितरित किया गया। बच्चों के हाथ जैसे ही यह पुस्तिका लगी तो वो खुशी-खुशी इस खेल वर्णमाला को पढ़ते देखे गये तथा कई बच्चे तो इस वाहन के समीप ही खेलने लगे।
इस अवसर पर ग्रामीणों एवं बच्चों ने ‘स्पोर्ट्स: ए वे ऑफ लाइफ’ के अध्यक्ष डॉ. कनिष्क पाण्डेय को खेल साक्षरता मुहिम को शुरू करने पर साधुवाद दिया तथा उनके खेल साक्षरता मिशन से जुड़कर सभी ग्रामीणों के बीच खासकर बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। बाद में संस्था द्वारा राजगढ में  कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह को खेल के लिए अनुकूल माहौल बनाने संबंधित ज्ञापन दिया गया।
उल्लेखनीय है पूरा विश्व ओलम्पिक खेलों के जश्न में डूबा हुआ है, वहीं ‘‘स्पोटर्स ए वे ऑफ लाईफ’’ एन.जी.ओ. ओलम्पिक से सम्बन्धित खेलों को भारत के गांव-गांव तक पहुंचाने की मुहिम में जुटा हुआ है।
खेल साक्षरता प्रसार वाहन इस दिशा में एक पहल है। जोकि, गाजियाबाद से 09 जुलाई, 2021 से शुरू होकर प्रदेश के सैंकड़ों गांवों, दर्जनों कस्बों और कई जिलों में होते हुये प्रथम चरण में अपनी यात्रा का समापन लखनऊ में करने उपरांत मध्यप्रदेश की यात्रा पर बढ़ रहा है। इस संस्था के साथ देश के विख्यात अर्जुन पुरस्कार विजेता, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता, खेल रत्न पुरस्कार विजेता और कई पूर्व ओलम्पियंस जुड़े हुये हैं, जिनमें श्री जफर इकबाल, श्री गोपाल सैनी, श्री देवेन्द्र झाझाड़िया तथा हॉकी के महान खिलाड़ी स्व0 मेजर ध्यानचन्द जी के सुपुत्र श्री अशोक ध्यानचन्द ओलम्पियन आदि हैं। गाजियाबाद में इस यात्रा की शुरूआत देश के इन्हीं प्रख्यात खिलाड़ियों द्वारा 09 जुलाई, 2021 को की गई।
‘‘स्पोटर्स ए वे ऑफ लाईफ’’ एन.जी.ओ. सन् 2017 से देश में खेल को बढ़ावा देने के लिये खेल साक्षरता अभियान चला रही है। संस्था के अध्यक्ष डा. कनिष्क पाण्डेय ने बताया कि देश में खेल साक्षरता महज 5 प्रतिशत् है और महिलाओं के बीच तो यह मात्र 2.5 प्रतिशत् ही हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को खेल साक्षर बनाये बिना ओलम्पिक खेलों में देश की प्रभावशाली उपस्थिति दूर की कौड़ी जैसी है।

प्रचार वाहन में क्या खास है

इस वाहन में खेल प्रसार के लिये कई तरह की नूतन तकनीकों का प्रयोग किया गया है।इस वाहन में एक एल.सी.डी. स्क्रीन लगी हुई है, जिसके माध्यम से किसी ग्राम में ठहराव के समय बच्चों के लिये स्पोर्ट्स आधारित फिल्में दिखाई जाती हैं। साथ ही संस्था के द्वारा खेल साक्षरता को बढ़ाने के लिये की गई पहल का एक लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा इस खेल वाहन में खेल पर आधारित पुस्तिकाये जिसमें खेल प्रवेशिका, Know Sports तथा इसके साथ ही खेल कलैण्डर बच्चों के लिये उपलब्ध रहेंगे और इसे ग्रामीण बच्चों को वितरण किया जाता है। ‘स्पोटर्स ए वे ऑफ लाईफ’’ के अध्यक्ष डा. कनिष्क पाण्डेय के द्वारा की गई मूल शोध की प्रतिलिपि भी इन गांवों के प्रधानों को उपलब्ध करवायी जाती है ताकि वो खेल मूल्यों को समक्ष सकें और यह भी जान सकें कि कैसे खेल से उनके चरित्र का निर्माण होगा और इसकी जानकारी ग्रामीणों के साथ साक्षा कर सकेंगे। श्री पाण्डेय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये सभी गांव के बच्चों को सीधे सम्बोधित करते रहेंगे। वाहन के ऊपर हिन्दी और अंग्रेजी की वर्णमाला को लगाया गया है साथ ही साथ देश में ओलंपिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के चित्र भी उकेरी गई है। ताकि बच्चे उन्हें पहचान सकें।

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