पत्रकार अर्णव गोस्वामी को जेल के अंदर डालने वाले आज खुद है जेल के अंदर

(नई दिल्ली) भारत के न्यूज़ चैनल रिपब्लिक भारत के संपादक अर्णव गोस्वामी को 2020 में जेल के अंदर डालने की साजिश करने वाले महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वाज़े आज जेल के अंदर बंद है। ज्ञात हो कि जो केस 2019 में बंद हो चुका था, उस केस को दोबारा खोलकर महाराष्ट्र की सरकार ने अर्णव गोस्वामी को गिरफ्तार करवाकर जेल के अंदर बंद करवा दिया था।

महाराष्ट्र के एक मंत्री ने कहा था दीपावली तो जेल के अंदर ही मनवाएंगे

महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री का यह बयान सामने आया था कि अर्णव गोस्वामी की दीपावली तो हम जेल में ही मनवाएंगे लेकिन उनकी यह मनोकामना पूरी ना हो पाई। अर्णव गोस्वामी को दीपावली के 2 दिन पहले ही माननीय उच्च न्यायालय ने बेल दे दी थी।

रिपब्लिक भारत को क्यों कर रही थी महाराष्ट्र की सरकार परेशान

महाराष्ट्र के अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को सब चैनलों ने आत्महत्या घोषित कर दिया था लेकिन रिपब्लिक भारत ने सुशांत सिंह राजपूत की हत्या हुई है उसकी उन्होंने पर्याप्त सबूत सभी लोगों को दिखाएं इसके साथ ही पालघर का सच दिखाया । भारत की जनता को सुशांत सिंह राजपूत के साथ जो अन्याय हुआ उसको उन्होंने अपने चैनल के माध्यम से लगातार प्रकाशित किया उसका परिणाम यह निकला कि रिपब्लिक भारत को जनता ने दुनिया का नंबर वन न्यूज़ चैनल बना दिया। सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर महाराष्ट्र सरकार से जुड़े कुछ विशेष लोग भी शामिल थे लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को तो रिपब्लिक भारत से नफरत ही हो गई थी। रिपब्लिक भारत का सच्चाई दिखाना महाराष्ट्र सरकार को पसंद नहीं आया और उन्होंने कई प्रकार से रिपब्लिक भारत को परेशान करना चालू कर दिया। उनके द्वारा प्रदीप भंडारी को हर शनिवार जेल बुलाया जाता था। यहां तक की रिपब्लिक भारत की सभी महत्वपूर्ण अत्यावश्यक जानकारी महाराष्ट्र सरकार लेना चाहती थी। महाराष्ट्र सरकार यहां भी नहीं रुकी, महाराष्ट्र सरकार ने रिपब्लिक भारत को महाराष्ट्र में बंद करने की योजना बना ली थी लेकिन कहते हैं ना “सच्चाई का बोलबाला और झूठ का मुंह काला ही होता है”। अर्णव गोस्वामी ने तुरंत ही सुप्रीम कोर्ट जाकर अपनी बात रखी कि अपने चैनल के माध्यम से सच्चाई दिखा कर कौन सी गलती कर दी? माननीय न्यायालय ने कहा कि कोई भी सरकार किसी भी चैनल को अपना निशाना नहीं बना सकती और मीडिया को स्वतंत्रता पूर्वक और निष्पक्ष पूर्वक अपने चैनल के माध्यम से सत्य उजागर करने से कोई नहीं रोक सकता।

महाराष्ट्र सरकार और रिपब्लिक भारत के बीच छिड़ गया था संग्राम

अर्णव गोस्वामी को जेल के अंदर डालने के बावजूद रिपब्लिक भारत की टीम ने महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कहा था कि रिपब्लिक भारत का हरेक कर्मचारी अर्णव है। कितने अर्नब को तुम बंद करोगे उद्धव ठाकरे? यहां तक कि रिपब्लिक भारत ने अपनी अर्णव गोस्वामी को लेकर एक लाइन प्रकाशित की थी कि “काबिलियत इतनी बढ़ाओ कि हराने की वजह साजिश से करनी पड़ जाए” बस होना क्या था यह लड़ाई सत्ता और मीडिया की थी और उसमें विजय मीडिया की हुई क्योंकि रिपब्लिक भारत ने कहा था कि हमें सच दिखाने से कोई नहीं रोक सकता। इस पूरे घटना क्रम के दौरान दुख इस बात का था कि जब मीडिया के ऊपर पॉलिटिक्स का हमला होता है तो मीडिया दूसरे मीडिया का साथ देना छोड़ देता है। इस बात की कमी इस पूरे मामले में देखने को मिली। रिपब्लिक भारत के संपादक को अंदर जाने के बाद जहां पूरे मीडिया को एकत्रित होकर अपने मीडिया के माध्यम से जो हुआ वह गलत है, का प्रदर्शन किया जाना था , वह नही किया गया। और एक नंबर वन न्यूज़ चैनल के संपादक के अंदर जाने के बाद दूसरे चैनल खुशी मना रहे थे।

रिपब्लिक भारत बन गया देश का नंबर वन न्यूज़ चैनल

अर्णव गोस्वामी के बाहर आने के बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे को कहा कि मुझे जेल भेजने पर तुम्हें क्या मिला? अगर दम है तो, वन टू वन इंटरव्यू लाइव चलाऊंगा , आ जाना लेकिन मुझे सच दिखाने थे न तुम रोक सकते हो और न ही तुम्हारी सरकार क्योंकि मेरे साथ भारत की 135 करोड़ की जनता मेरे साथ खड़ी है इसलिए आज मैं यहां बैठा हूं।

कुछ दिनों के बाद ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री मनी लांड्रिंग के मामले में जेल के अंदर बंद है और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहें या घमंड में चूर सचिन वाज़े की हालत तो देखने लायक है। दोनों आज जेल के अंदर चक्की पीस रहे हैं और रिपब्लिक भारत आज की डेट में नंबर वन न्यूज़ चैनल बना है और देश को सच्चाई दिखा रहा है । इसका जिक्र इसलिए हो रहा है क्योकि वर्तमान में मीडिया को दबाने की कोशिश की जाती है लेकिन अब सब को समझ लेना चाहिए कि मीडिया को कोई नहीं दबा सकता क्योंकि मीडिया के साथ देश की जनता खड़ी होती है।

 (संतोष प्रसाद तिवारी)
आरपीकेपी इंडिया न्यूज़
        भोपाल

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