जावद के 60 विद्यार्थी सीखेंगे जापानी भाषा , शिक्षा के साथ ही मिलेगा रोजगार का अवसर

नीमच जिले के जावद विकासखण्ड के 20 हायर सेकेण्डरी शालाओं के 60 विद्यार्थियों का चयन प्रोजेक्ट मीराई में जापानी भाषा सीखने के लिये हुआ है। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने शनिवार को प्रोजेक्ट मीराई का वर्चुअल शुभारंभ किया। 

मंत्री श्री सखलेचा ने विद्यार्थियों को जापानी भाषा सीखने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के युग में रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिये हमे सदैव नवीन प्रयत्न करना होंगे। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करना भी आवश्यक है। मंत्री श्री सखलेचा ने अंग्रेजी भाषा सीखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त भाषा सीखने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं कौशल का विकास होता है और आज के दौर में ऐसे प्रयासों से रोजगार के वैकल्पिक अवसर भी प्राप्त होते हैं।

प्रोजेक्ट मीराई में जावद विकासखण्ड के 200 विद्यार्थियों का चयन किया गया था जिनका कौशल परीक्षण इन्फोसिस द्वारा ऑनलाईन किया गया। परीक्षण के बाद मेरिट के आधार पर 60 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें 7 फरवरी से जावद विकासखण्ड के दो कलस्टर में प्रतिदिन 2 घण्टे का ऑनलाईन एवं ऑफलाईन प्रशिक्षण देकर जापानी भाषा का कोर्स करवाया जाएगा। कोर्स के बाद विद्यार्थियों स्नातक के लिये जापान जाने का अवसर प्राप्त होगा। जहाँ यह विद्यार्थी स्नातक करने के साथ रोजगार भी प्राप्त करेंगे। प्रोजेक्ट मीराई कार्यक्रम इन्फोसिस स्प्रिंग बोर्ड एवं निर्माण संगठन के सहयोग से जावद क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है।

प्रोजेक्ट मिराई का उद्देश्य नीमच जिले के इच्छुक छात्रों को जापानी भाषा में प्रशिक्षण देकर और उन्हें जापान में स्नातक की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित कर इंडो-जापानी उद्यमियों का पोषण करना है।

इन्फोसिस स्प्रिंग बोर्ड की सुश्री मनीषा सब्यु ने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत बहुत कम विद्यार्थियों के साथ की गई है। इसकी सफलता के बाद प्रोजेक्ट व्यापक पैमाने पर लागू किया जायेगा। विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा के साथ रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। इन्फोसिस के बाल श्री किशन चावड़िया ने चयनित विद्यार्थियों के परिणाम घोषित किये। जावद विकासखण्ड के शासकीय शालाओं के प्राचार्य, शिक्षक चयनित विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित रहे। प्रेजेन्टेशन परियोजना समन्वयक श्री प्रलय कुमार उपाध्याय ने दिया।

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