मुख्यमंत्री शिवराज ने कारम बांध निर्माण में लापरवाही पर 8 अधिकारी को निलंबित करने के दिए निर्देश
(भोपाल) पिछले दिनों धार के कारम बांध (Dhar Karam Dam) में हुई लापरवाही को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्माणाधीन कारम बांध में हुई लापरवाही को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री शिवराज के निर्देश पर आठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. बता दें कि इससे पहले बांध निर्माण से जुड़ी दो कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है.
किन अधिकारियों को किया गया निलंबित
प्रदेश सरकार ने एक्शन लेते हुए जिन अधिकारियों को निलंबित किया उनके नाम हैं: पी जोशी (अधीक्षण यंत्री जल संसाधन), विजय कुमार जत्थाप (उपयंत्री), अशोक कुमार (उपयंत्री), दशाबंता सिसोदिया (उपयंत्री), आर.के. श्रीवास्तव (उपयंत्री), सी.एस. घटोले (मुख्य अभियंता), बीएल निनामा (कार्यपालन यंत्री) और वकार अहमद सिद्धकी (एसडीओ) को निलंबित किया गया है.
कारम डैम से लीकेज हुआ था
बता दें कि धार के कारम डैम से लीकेज होने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी. उस समय डैम के कभी भी टूटने की आशंका बनी हुई थी.ऐसे में प्रशासन की टीम ने तुरंत ही मोर्चा संभालते हुए डैम का पानी का खाली करने के लिए एक वैक्लपिक रास्ता बनाकर पूरी टीम ने करीब 50 घंटे की मेहनत के बाद डैम की दीवार को तोड़कर पानी बाहर निकाला था. जिससे एक बड़ा खतरा टल गया था. इसके बाद शिवराज सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बांध निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर डैम निर्माण कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया था और कंपनी का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया गया था.
धार पहुंचा था जांच दल
कारम नदी पर बने बांध से पानी निकलने के बाद सरकार द्वारा गठित एक दल बांध स्थल पर पहुंचा था. दल में अध्यक्ष के रूप में आशीष कुमार शामिल हुए थे, जो जल संसाधन विभाग के अपर सचिव हैं. इसके अलावा डॉ राहुल कुमार जायसवाल, दीपक सातपुते और अनिल सिंह भी शामिल हुए. अधिकारियों ने बांध का मुआयना किया था.

