मंदिर एवं स्टेशन परिसर में भीख मांगने वाले बच्चों को दी गई समझाइश

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(कटनी)- कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद के निर्देश के पालन में बाल कल्याण न्यायालय, महिला एवं बाल विकास, चाईल्ड लाईन, शिशु गृह के कर्मचारियों की टीम बनाकर शनिवार को स्टेशन परिसर, बस स्टेण्ड, स्थानीय मंदिर कटनी नगर निगम क्षेत्र एवं विकासखण्ड मुख्यालय के मंदिर क्षेत्र में भीख मांगने वाले बच्चों के विरूद्ध विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर समझाइश देकर स्कूल जाने हेतु प्रेरित किया गया।

कटनी शनि मंदिर के पास तीन बच्चे उम्र लगभग 6 से 10 वर्ष के बीच अपनी मां के साथ भीख मांगते पाये गये । इन तीनों बच्चों को टीम द्वारा बाल गृह में भेजने के लिये पकड़ा गया। बच्चे की मां द्वारा आश्वासन दिया गया कि हम बच्चे भविष्य में साथ में नहीं लायेगें और स्कू्ल में भेजेंगे । इस आधार पर टीम द्वारा बच्चों को घर जाने के लिये अनुमति दी गई। पुनरू जांच के दौरान यदि ये बच्चे पाये जाते है तब इन्हें बाल गृह में रखकर इनके माता-पिता के विरूद्ध बाल संरक्षण अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी ।

जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि टीम द्वारा स्थानीय स्टेशन परिसर में भी दबिश दी गई । दबिश के दौरान चार महिला यथा आशा मद्रासी 40 वर्ष, सबनम खान 30 वर्ष, संजना चौधरी 24 वर्ष एवं सालू खान 30 वर्ष भीख मांगने का कार्य करती है । इनके बच्चे शिव मद्रासी 16 वर्ष, बतलू गोस्वामी 17 वर्ष, अमरजीत 19 वर्ष एवं नेवा 18 वर्ष है, जिसे इनके माता द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर बाल गृह से पालन हेतु बच्चे वापस कर लिये गये थे, लेकिन इनके पास कोई रोजगार नहीं है। 18 वर्ष से कम के दोनों बच्चों को पुनरू बाल गृह में प्रवेश की कार्यवाही का निर्णय लिया गया एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को रोजगार से जोड़ने के लिये आश्वासन दिया गया । महिलाओं द्वारा मांग की गई कि इन्हें भी रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाये । इन महिलाओं को नगरीय आजीविका मिशन से जोडने हेतु आश्वासन दिया गया। दबिश का नेतृत्व  जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जिला कटनी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी, कटनी, रेल्वे पुलिस एवं स्थानीय पुलिस भी उपस्थित रहे।

परियोजना अधिकारी विजयराघवगढ, संतोष अग्रवाल के नेतृत्व में शारदा मंदिर परिसर में भीख मांगने वाले बच्चों के लिये निरंतर दबिश दिये जाने से, अब वहां भीख मांगने वाले बच्चें नहीं आते है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन एक बार स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दबिश देने के लिये ड्यूटी भी नियत की गई है।

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