स्वामी इंदिरारमण जी महाराज ने कहा कि सत्संग को जो मन लगाकर सुनते हैं उनका पूरा जीवन बदल जाता है

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(विजयराघवगढ) श्री संकट मोचन जगन्नाथ धाम में चल रही श्री मद्भागवत कथामृत में स्वामी जी ने कहा कि सत्संग को जो मन लगाकर सुनते हैं उनका पूरा जीवन बदल जाता है। सत्संग में आने से विचार, बुद्धि, कर्म और आचरण बदलता है। धीरे-धीरे सत्संग से पूरा जीवन बदल जाता है। महाराज जी ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्री कृष्ण के रुप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह का निश्चय किया। रुक्मणी का भाई रुक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखने के कारण अपनी बहन की शादी शिशुपाल से करना चाहता था। रुक्मणी को जब यह बात पता चली तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा अपना परिणय संदेश भिजवाया। श्री कृष्ण कुंडनिपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए। शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं को परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। तत्पश्चात श्री कृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया।

श्रद्धालुओं ने श्री रामहर्षण कुंज मंदिर से श्री संकट मोचन जगन्नाथ धाम तक भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी की बारात निकालते हुए विवाह के मंगल गीत गाते हुए वैवाहिक रस्में पूरी की। युवराज महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती जी महाराज श्री धाम अयोध्या ने परम पूज्य राजा जी को दृव्य दक्षिणा वस्त्रादि समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त कर व्यास आसीन पूज्य स्वामी जी नमन करते हुए कालक्षेप किया। मुख्य यजमान राजा जी, श्रीमती गुलाब हरिहर प्र तिवारी, श्रीमती सरस्वती अरुण मिश्रा, पं नवल किशोर शास्त्री सहित श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी का पूजन वंदन किया। कथा श्रवण करने प्रमुख रूप से पं रामखिलावन गर्ग, बद्रीप्रसाद त्रिपाठी, पं प्रमोद मिश्रा, पार्षद रमाकांत तिवारी, शिवकुमार पांडेय, अनिल शर्मा, एडवोकेट कैलाश तिवारी, दीनबंधु तिवारी, उमा प्र परौहा, विमलेन्दु पयासी, वीरेन्द्र मिश्रा बलरामदास गुप्ता, रामचन्द्र पांडेय, संदीप मिश्रा, बाला प्र ताम्रकार, श्याम जी पुजारी, बंशी यादव, किशोरी साहू, दयाराम विश्वकर्मा, अजय गर्ग, आर पी उपाध्याय, देवेन्द्र मिश्रा, राघवेन्द्र सिंह, अनुजकृष्ण शास्त्री, माधुरी मिश्रा, संतोष मिश्रा, पुरुषोत्तम सोनी, गुड्डू मिश्रा, योगेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, अलका श्रीवास्तव, रेखा गुप्ता, बलराम त्रिपाठी, जितेन्द्र तिवारी, लक्ष्मण यादव, मुरलीधर उपाध्याय, अनिल त्रिपाठी सहित अन्य भक्तों की उपस्थिति रही।

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