खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर को कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने से क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह
खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर एवम राहुल सिंह लोधी होंगे आमने सामने
(टीकमगढ़) टीकमगढ़ जिले में खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर से कांग्रेस ने श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को पहले ही भाजपा अपना उम्मीदवार बना चुकी है। खरगापुर सीट से यह दोनों तीसरी बार आमने-सामने होंगे। वर्ष 2013 में पहली बार आमने-सामने हुए मुकाबले में श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी को चुनाव में हरा दिया था। इसके बाद 2018 में हुए चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने यहां के चुनाव में पूरा समय दिया और खास रणनीति से चुनाव लड़ते हुए राहुल सिंह लोधी को चुनाव में जीत दर्ज कराई। पहली बार विधायक बनने के बाद राहुल सिंह लोधी को पार्टी ने अंतिम समय में राज्य मंत्री भी बना दिया। अब श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर तीसरी बार राहुल सिंह के सामने होंगी। ऐसे में यहां पर मुकाबला दिलचस्प होगा। पार्टी ने इस बार यहां से श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर को टिकट दिया है। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताया है।
इस बार यहां से कांग्रेस के कई उम्मीदवार टिकट की मांग कर रहे थे। यह सीट लोधी और यादव बाहुल्य है। टिकट की घोषणा के बाद कांग्रेस के पीसीसी सदस्य अजय यादव ने अपना इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में इस वर्ग को अपने साथ लाना और विरोधी वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने की चुनौती होगी।
राजनीतिक कैरियर
कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर पिछले 15 सालों से राजनीति में सक्रिय। परिवार की मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि। 2015 में उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह को चुनाव हराया। 2018 में हारी। पांच सालों से क्षेत्र में लगातार सक्रिय।
टिकट क्यों
कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती चंदा सुरेंद्र सिंह गौर पार्टी के सर्वे में सबसे ऊपर रहा नाम। पांच सालों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय। नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबी। परिवार की क्षेत्र में अच्छी पकड़।
रिपोर्ट :- पंकज पाराशर, छतरपुर

