(मेरी कहानी-मेरी जुबानी) श्रीमती राजेश कुशवाह प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ पाकर गौरवान्वित मेहसूस कर रहीं है
(मुरैना) जौरा नगर की रहने वाली श्रीमती राजेश कुशवाह केन्द्र और प्रदेश सरकार की गुणगान कर रही है, कि कोरोनाकाल में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जैसी नहीं होती है, तो सायद बच्चे पालना कोरोनाकाल में मुश्किल हो जाता है। आज मैं अपने आपको प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ पाकर गौरवान्वित मेहसूस कर रहीं हूं। नगर पंचायत जौरा निवासी श्रीमती राजेश कुशवाह ने ’’विकसित भारत संकल्प यात्रा’’ के दौरान मेरी कहानी-मेरी जुबानी मंच के माध्यम से लोगों को अवगत कराया, तो सामने बैठे सभी लोग दांतो तले अंगुली दबाकर बैठ गये। श्रीमती राजेश कुशवाह बतातीं है, कि कोरोनाकाल जैसी स्थिति भगवान सामने न लाये, मैं बीडी, बिडंल बेचकर गुजर बसर करती थी। 2020-21 में कोरोना चरम पर था, सभी जगह लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित हो गया था। हम लोग भी कहीं बीडी, बिंडल का ठेला नहीं लगा सकते थे। जो भी ठेला लगाने की पूंजी थी, वह घर बैठकर ही खर्च कर ली। अब हमारे सामने पूंजी का संकट खड़ा हो गया। भला हो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का जिन्होंने बिना ब्याज के पीएम स्वनिधि योजना से प्रथम वर्ष 10 हजार और द्वितीय वर्ष में 20 हजार रूपये का ऋण स्वीकृत किया। यह राशि मैंने समान 10 किस्तों में बैंक में बिना ब्याज के जमा कर दी। मैं अपनी जिंदगी जीने में सफल हो गई। श्रीमती राजेश कुशवाह प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ पाकर गौरवान्वित मेहसूस कर रहीं है।
