उज्जैन शहर के नालों एवं सीवरेज का पानी शिप्रा में न मिले, मुख्यमंत्री ने दिये सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी संरक्षण एवं संवर्द्धन कीली बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में टाटा प्रोजेक्ट अपना कार्य समय पर पूरा नहीं कर रही है। उनके कार्यों की पुन: समीक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि नृसिंह घाट में किसी भी स्थिति में गन्दगी इकट्ठी न हो, अन्यथा वह रामघाट तक प्रवाहित होती है। गोंदिया ट्रेंचिंग ग्राउण्ड के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही जगह कचरा डम्प होने से आसपास के पांच गांव में पेयजल पीने योग्य नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नई-नई टेक्नालॉजी आ गई है। आवश्यकता है कि नई टेक्नालॉजी के द्वारा हम कचरा अपशिष्ट प्रबंधन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम के अपशिष्ट पदार्थ एवं इण्डस्ट्री के गन्दे पानी को रोकने का प्लान तैयार करें। उन्होंने इन्दौर संभागायुक्त श्री मालसिंह को निर्देश दिये कि कार्य-योजना तैयार करें।
सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने रूद्र सागर में मिलने वाले नाले, नई कॉलोनियों में पानी निकासी की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि गन्दे नालों के पानी की रोकथाम के लिये छोटे-छोटे स्टापडेम बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में भी जानकारी ली।
बैठक में विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, संभागायुक्त डॉ.संजय गोयल, इन्दौर कलेक्टर श्री आशीष सिंह, उज्जैन कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, देवास कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
