मैहर वाली शारदे माता धाम से एक अनमोल चिंतन….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) की कलम से

(मैहर) जब परिवार या समाज के कुछ लोग आपके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं। “एक तो — आप भी उन जैसे बन जाएं, तथा उनके साथ दुर्व्यवहार करें, और दूसरा — आप उनके दुर्व्यवहार को सहन कर लें। उन्हें क्षमा कर दें।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि “यदि आप भी उनके साथ दुर्व्यवहार करें, आप भी ईंट का जवाब पत्थर से दें, तो आपका मूल्य भी उतना ही हो जाएगा, जितना दूसरे व्यक्ति का। अर्थात आप दोनों बराबर हो जाएंगे। उसका मूल्य भी 50 पैसे का, और आपका भी 50 पैसे का। “दूसरे पक्ष में — “यदि आप दूसरे व्यक्ति का दुर्व्यवहार सहन कर लें, और भविष्य के लिए उससे अपनी सुरक्षा कर लें,” तो शास्त्रों में बताया है कि “सहन करने वाला अर्थात क्षमा करने वाला व्यक्ति बड़ा माना जाता है!

रवींद्र सिंह (मंजू सर ) मैहर की कलम कहती है” “तब आपका मूल्य अधिक होगा और दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति का मूल्य बहुत कम हो जाएगा।” “जैसे कि ₹1 के सामने 10 पैसे का। अर्थात आपका मूल्य ₹1 रहेगा, और उसका मूल्य 10 पैसे का होगा।””आपके द्वारा उसे क्षमा कर देने पर आपके मन में शांति रहेगी, उत्साह बना रहेगा, और समाज के लोग भी आपको महान पुरुष मानेंगे। तथा उस दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को दुष्ट व्यक्ति के रूप में देखेंगे।””अब आप देख लीजिए, आपको कैसा व्यवहार करना है?”

आप सभी को सादर नमन।मैहर वाली शारदे माता सदा अपना आशीर्वाद बनाये रखे।

✍️ रवीन्द्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
              मैहर

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