मैहर वाली शारदे माता धाम से संध्या बेला के दर्शन के साथ एक अनमोल चिंतन ….. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से

“चाह मिटी, चिंता मिटी, मन हुआ बेपरवाह, जिसको कुछ नहीं चाहिए, वही “शहंशाह”।

मेरी कलम कहती है कि दर्ज़ी के पास जाकर इतना सीखने की जरूरत है कि, 2 साल बाद आप उसके पास जाओगे तो फिर से वो माप लेता है नया सूट सीने के लिये। पुराने माप पर वो नया सूट नहीं बनायेगा, क्योंकि हो सकता है कुछ बदलाव आए हों माप में। उसी तरह कई सालों बाद कोई गले लगकर आपसे मिले जिससे आपको रंजिश हो तो उसे आप भी स्नेह देना, क्या पता इतने समय बाद उस में भी बदलाव आ गया हो।

रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम कहती है कि रंजिश को पाले रखना मतलब ज़हर को संभाले रखना और भूल जाना मतलब इस हसीन दुनिया को मूठी में करना। आप सभी को नमन। जय माता दी।

✍️ रवींद्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
ब्यूरो प्रमुख, जिला मैहर

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