कलेक्टर ने की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की समीक्षा
10 दिनों के भीतर लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण बैंकों को भेजने के निर्देश
लक्ष्य के अनुरूप कम संख्या में बैंकों को ऋण प्रकरण प्रस्तुत किये जाने पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई और अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बैंकों को प्रेषित किये जाने वाले प्रकरणों का लक्ष्य 20 सितंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। जिन प्रकरणों में ऋण स्वीकृत किया जा चुका है, इनमें प्रथम किश्त का वितरण 20 सितंबर तक अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि बैकों को भेजे जाने वाले प्रकरण पूरी सावधानी के साथ तैयार किये जाए और उसमें सभी दस्तावेज लगे होना चाहिए। इस योजना के प्रकरण तैयार करने में किसी भी तरह की समस्या आने पर जिला रिसोर्स पर्सन पवन पाटीदार से मोबाइल नंबर 966979474 पर संपर्क करने कहा गया। जिन विकासखण्डों से 20 सितंबर तक लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण बैंकों को प्रेषित नहीं किये जाएंगे, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई। इस योजना के अंतर्गत अब तक एफपीओ के प्रकरण स्वीकृत नहीं किये गए हैं। अतः इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जागरूकता शिविर लगाकर जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य मध्यम उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत स्थापित ईकाईयों में तैयार हो रहे उत्पाद जैसे, कच्ची घानी तेल, नमकीन, जैविक गुड, अचार, गुलकंद, कोल्ड्रिंक जीरू, कुल्फी, मिठाई मसाला आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
बैठक में उप संचालक उद्यानिकी केके गिरवाल, उप संचालक कृषि एमएस सोलंकी, अग्रणी बैंक प्रबंधक एसएस सोलंकी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक, नाबार्ड के जिला प्रबंधक एवं सभी बैंकों के जिला समन्वय अधिकारी उपस्थित थे।
