निर्माण कार्यों की कराएँ जियो टैगिंग और कार्य स्थल पर लगवाएँ बोर्ड – कलेक्टर श्रीमती चौहान
खनिज प्रतिष्ठान मद से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश
ग्वालियर शहर के नजदीक हरीतिमा की चादर ओढ़े खड़ीं ग्राम उदयपुर की पहाड़ियों को जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार से पर्यटन स्थल व पिकनिक स्पॉट विकसित किया जा रहा है, जिससे शहर से आने वाले पर्यटक यहाँ पर्वतीय एवं वनांचल क्षेत्र का अनुभव कर सुकून के पल गुजार सकें। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि नीम पर्वत पर बच्चों के लिये वरमा ब्रिज व झूले लगवाएँ । उन्होंने स्थानीय स्व-सहायता समूह की मदद से नीम पर्वत पर कैन्टीन व जन सुविधा केन्द्र इत्यादि का संचालन कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि नीम पर्वत पर फिसलपट्टी सहित चिल्ड्रन पार्क विकसित किया गया है। पर्यटकों के बैठने के लिये कलात्मक आकर्षक बैंच व अन्य सुविधायें मूर्तरूप ले चुकी हैं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने नीम पर्वत पर पेयजल के लिए आरओ सिस्टम लगवाने और हर हफ्ते राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री के लिए रोटेशन निर्धारित करने के लिये भी कहा। उन्होंने क्षेत्र में जैविक खेती कर रहे किसानों को भी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी के लिये यहाँ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिये कहा। श्रीमती चौहान ने हर हफ्ते रविवार के दिन से यहाँ पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो ग्वालियर शहर के समीप जनपद पंचायत मुरार के ग्राम उदयपुर में नीम व शीशम पर्वत विकसित किए गए हैं। नीम पर्वत पर वर्ष 2011 में लगभग 20 हजार व शीशम पर्वत पर लगभग 15 हजार पौधे रोपे गए थे, जो अब पेड़ का आकार ले चुके हैं। इस क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों को नीम व शीशम पर्वत की हरीतिमा दूर से ही आकर्षित करती है।
कारगिल पार्क भी विकसित होगा
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा खनिज प्रतिष्ठान मद से बहोड़ापुर में सुनियोजित कारगिल पार्क विकसित करने के काम को प्रमुखता से आगे बढ़ाएं। राज्य खनिज मद से इसके लिये धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी। इस पार्क में लगभग 534 कारगिल शहीदों की स्मृतियां संजोई जायेंगीं।
जल संवर्धन के लिए बनाए जायेंगे रीचार्ज पिट
खनिज प्रतिष्ठान मद से जिले के ग्रामीण अंचल में प्रथम चरण में जल संवर्धन के लिए 50 रीचार्ज पिट बनाए जायेंगे। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को इन रीचार्ज पिट से होने वाले जल संरक्षण की वस्तुस्थिति पता लगाने के लिए हर 6 माह के अंतराल से डेटा संकलित करने के निर्देश दिए
